अगर आपके भी घर में निकल रही है चीटियां, तो मिलने वाली है यह खुशखबरी

चींटियां आपको हर कहीं दिख जाएगी। घरों में कितनी भी साफ-सफाई रखने का प्रयास कर लो, लेकिन चींटियों से छुटकारा मिलना मुश्किल होता है। विशेष तौर पर जिन घरों में सीलन होती है, वहां तो चींटियों की भरमार देखने को मिल जाएगी।

जिस घर में सीलन हो या भूसा रखा हो, वहां पर चींटियों के निकलने का कोई फल नहीं समझना चाहिए। अगर चींटियां सिर के ऊपर वाले छत के भाग में निकलें तो शीघ्र ही धन या भोग सामग्री की प्राप्ति यह सूचक है। अगर चींटियां चावलों से भरे पात्र में निकलें तो यह इस बात का संकेत है कि जल्द ही धन की वृद्धि का मार्ग प्रशस्त्र होगा।

अगर चींटियां घृत पात्र में घुसकर एक अहोरात्रि वहीं रहें तो यह इस बात संकेत है कि परिवार के धन का नाश होगा। घर में चोरी का भी यही संकेत माना जा सकता है। अगर बहुत सारी लाल चींटियां घर केऊपर निकलती दिखाई दें तो प्राणघातक हमले या चोरी चकारी का भय रहता है। अगर काले रंग की चींटियां स्वर्ण आदि रखे हुए कोषागार से निकलें तो स्वर्ण या धन वृद्धि का संकेत समझना चाहिए।

वृक्ष में चींटियां निकलें तो अनावृष्टि की आशंका रहती है। अगर काली चींटियां अकारण ही निकले और अंडा रहित हों तो यह इस बात का संकेत है कि वर्षा होगी। कुछ विद्बान मानते हैं कि अगर चींटियां उत्तर दिशा में निकलें तो सुख प्रदान करने वाली होती है। अगर दक्षिण दिशा में निकलें तो लाभप्रद रहती हैं।

अगर पूर्व में निकलें तो 12 घंटे तक भयरत रहने का संकेत है पश्चिम में निकलें तो धन-सम्पत्ति में लाभ होने का संकेत है। अगर अग्निकोण में निकलें तो 12 घंटे तक अग्नि भय की आशंका रहती है। अगर नैऋत्य कोण में निकलें तो वस्त्र लाभ की संभावना बनती है। अगर वायव्य कोण में निकलें तो ईंधन की प्राप्ति का योग बनता है। अगर ईशान कोण में निकलें तो किसी प्रकार के विवाद का संकेत है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper