अध्ययन में हुआ खुलासा, हुक्का पीने से होता है हृदयाघात का अधिक खतरा

नई दिल्ली: हाल ही में चूहों पर हुए पहले अध्ययन में पता चला कि हुक्का पीने से शरीर में खून के थक्के जम सकते हैं और हृदयाघात या दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है। आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, थ्रोम्बोसिस और वैस्क्युलर बायलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि हुक्का से निकलने वाले तंबाकू के धुएं से करीब 11 सेकंड के औसत समय के अंदर खून के थक्के बनने लगे। सामान्य तौर पर इसमें पांच मिनट लगते हैं।

इस अध्ययन में शामिल अमेरिका स्थित अल पासो की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के फडी खासावनेह ने कहा ‎कि “पश्चिम देशों में बहुत लोकप्रिय हो रहा हुक्का पीना, जो‎कि सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक माना जाता है, जबकि हुक्के में जो विषैले तत्व होते हैं उनकी तुलना परंपरागत सिगरेटों से की जा सकती है और कई बार ये ज्यादा भी होते हैं।” बता दें ‎कि वैज्ञानिकों ने अध्ययन में चूहे का संपर्क एक मशीन के माध्यम से हुक्के के धुएं से कराया जिसने असल जिंदगी में सिगरेट पीकर धुआं छोड़े जाने की तरह ही यह काम किया।

इन मशीनों में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध 12 ग्राम फ्लैवर वाला तंबाकू इस्तेमाल में लाया गया। इसमें तंबाकू, ग्लिसरिन, खांड़ के साथ ही निकोटीन तथा टार वाले प्राकृतिक फ्लेवर हैं। बता दें ‎कि धुएं के संपर्क में आए चूहों और धुएं के संपर्क में नहीं आये चूहों के बीच गतिविधियों की तुलना करते हुए अनुसंधानकर्ताओं ने पता लगाया कि हुक्का पीना सेहत के लिए हानिकारक है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper