अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद एक और नए लक्ष्य की ओर बढ़ रही है मोदी सरकार

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान को समाप्त करने के बाद मोदी सरकार द्वारा दिसंबर में समान नागरिक संहिता विधेयक (Uniform Civil Code Bill) पेश करने की संभावना है। केंद्र का इरादा अगले साल की शुरुआत में यूनीफॉर्म सिविल कोड को वास्तविकता बनाने का है। सूत्रों का कहना है कि समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जा रहा है।

अनुच्छेद 370 की तरह यूसीसी भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा है। समान नागरिक संहिता ऐसा कानून है जो सभी धर्म के लोगों के लिए समान रूप से लागू होता है। अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग सिविल कानून न होना ही समान नागरिक संहिता की मूल भावना है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मंगलवार को पारंपरिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जल्द ही पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का आग्रह किया। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘सरकार के अगले एजेंडे में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और समान नागरिक संहिता को लाना होना चाहिए।’

पिछले साल विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता को ‘अनावश्‍यक व अवांछित’ बताया। आयोग ने साफ कहा कि फिलहाल देश में इसकी जरूरत नहीं है। इसके बजाय आयोग ने जेंडर जस्टिस के लिए सभी धर्मों से संबंधित पारिवारिक नियमों में बदलाव की आवश्‍यकता बताई।

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