अब विकास और शुद्ध पेय जल से वंचित नहीं रहेगा बुंदेलखंड: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार से लड़ रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बुंदेलखंड के हर घर में पानी की व्यवस्था करने के लिए झांसी के मोठ के ग्राम मुराटा में भूमिपूजन कर मिशन की नींव रखने पहुंचे। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रथम चरण में बुन्देलखंड में 2,185 रुपये करोड़ की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया जा रहा है।

सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के इस बड़े मिशन के शुभारंभ समारोह में सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड अब विकास और शुद्ध पेय जल से वंचित नहीं रहेगा। अब बुंदेलखंड की महिलाओं को घर पर ही इस योजना के तहत शुद्ध पेय जल मिल सकेगा। हमें बरसात के पानी के संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से यहां विकास नहीं हुआ, खनन माफिया लोगों को शोषण करते रहे। पीएम मोदी बुंदेलखंड आए, उन्होंने एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर दिया। अब विकास भी होगा रोजगार भी मिलेगा।

प्रधानमंत्री की अनुकंपा व आर्शीवाद से आज बुंदेलखंड में पहले चरण में तीन जनपदों में पाइप पेय जल की सभी योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। आगामी दो वर्ष के अंदर यहां के हर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री की हर घर नल की योजना को साकार करके बुंदेलखंड को प्यास से मुक्त करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि इस धरती पर दुश्मनों के लिए शस्त्र बनेंगे, कोरोना के समाधान में हम लगे हुए हैं, 2 साल के अंदर हर घर में नल देंगे। यहां तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए।

वहीं, अनलॉक-2 को लेकर सीएम योगी ने कहा कि इस व्यवस्था में विभिन्न गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए पूरी तैयारी के साथ अनलॉक-2 की व्यवस्था को लागू किया जाए। खनन से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी से प्रारंभ कर दी जाए, जिससे एक अक्टूबर, 2020 से खनन कार्य प्रारंभ किया जा सके। सीएम ने कहा कि एक जुलाई, 2020 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान प्रारंभ हो रहा है। कोविड-19 को नियंत्रित करने में भी स्वच्छता की बड़ी भूमिका है। इसके दृष्टिगत उन्होंने मिशन मोड पर स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

बुंदेलखंड में सूखे के लिए अभिशप्त माने जाते रहे बुंदेलखंड में पेयजल योजनाएं तो बहुत शुरू हुईं, लेकिन तमाम जिले अब भी सूखे की मार झेल रहे हैं। इसी परेशानी को देखते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांदा की रैली से जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी राज्य पेजयल योजना के तहत बुंदेलखंड में काम शुरू कराया।

तय हुआ कि चार चरणों में परियोजनाएं पूरी होंगी, जिनकी कुल अनुमानित लागत 10131 करोड़ रुपये होगी। मिशन की शुरुआत झांसी, महोबा और ललितपुर से हो रही है। इस योजना का लाभ बुंदेलखंड के झांसी सहित सात जिलों के 3622 राजस्व गांवों की 67 लाख की आबादी को मिलेगा।

पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुंदेलखंड का कोई घर प्यासा नहीं रहे और हर घर तक नल का जल पहुंचाया जाए। सर्फेस वॉटर और अंडरग्राउंट वॉटर के माध्यम से घर घर तक पेयजल पहुंचाया जाएगा। पहले चरण में बुंदेलखंड और विंध्याचल में अगले दो साल के भीतर हर घर तक पीने का पानी पहुंचेगा। बुंदेलखंड क्षेत्र के जिले झांसी, महोबा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट के कुल 4513 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें से 891 राजस्व ग्राम पहले से ही पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं। शेष 3622 राजस्व गांवों की लगभग 67 लाख आबादी के लिए 479 योजनाओं द्वारा पाइप पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।

झांसी के जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि परियोजना की शिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में रखेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ का गौशाला निरीक्षण और पौधरोपण का भी कार्यक्रम है। मेडिकल कॉलेज के नॉन कोविड अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीणों से संवाद कर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में फीडबैक भी लेंगे।

ऐसे होगी मिशन की शुरुआत

झांसी : 1627.94 करोड़ की लागत वाली 10 योजनाएं सतही स्रोत (सरफेस वाटर) पर आधारित होंगी।
ललितपुर : 1623.47 करोड़ की लागत वाली 16 सरफेस वाटर रिसोर्स और 12 भूजल (ग्राउंड वाटर) आधारित पाइप पेयजल योजनाएं होंगी।
महोबा : 1219.74 करोड़ की लागत से 364 राजस्व गांवों तक पहुंचाया जाएगा पानी।
यूं पूरे होंगे चार चरण

पहला चरण : बुंदेलखंड
दूसरा चरण : विंध्याचल
तीसरा चरण : इंसेफेलाइटिस व जापानी बुखार से पीड़ित क्षेत्र
चौथा चरण : फ्लोराइड और आर्सेनिक ग्रसित गंगा तटीय क्षेत्र।

जागरण से साभार

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper