आखिर क्यों कोका कोला ने अपने विज्ञापन को अचानक रोकने का दिया आदेश

नई दिल्ली: संसार की प्रसिद्ध एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों में शुमार कोका-कोला (Coca Cola) ने बड़ा निर्णय लेते हुए अगले 30 दिन तक सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स (Media Platforms) पर अपने सभी विज्ञापनों के भुगतान को रोक दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे विश्व में रंगभेद के विरूद्ध चल रहे अभियान के चलते कंपनी ने ये निर्णय लिया है। हालांकि, कंपनी की ओर से जारी बयान में बोला गया है कि हम लोग आधिकारिक बहिष्कार में शामिल नहीं हो रहे है। लेकिन हम एडवरटाईजमेंट रोक रहे है।

क्या है मामला- मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि दुनियाभर में अपने विज्ञापन के जरिए मशहूर कंपनी कोका-कोला ने शुक्रवार को घोषणा की कि कम से कम 30 दिनों के लिए सोशल मीडिया पर विज्ञापनों को निलंबित कर रही है। क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नस्लवादी सामग्री से निपटने के ढंग पर कंपनी काम करना चाहती है। आपको बात दें कि बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे नस्लवादी एडवरटाईजमेंट का विरोध हो रहा है। इसीलिए कंपनियां अपने एडवरटाईजमेंट पर रोक लगा रही है व अपने ब्रैंड का नाम बदलने पर भी मज़बूर हो गई है।

क्यों रोका विज्ञापन-कोका-कोला कंपनी के चेयरमैन व सीईओ, जेम्स क्विनी ने एक संक्षिप्त बयान में बोला है कि संसार में नस्लवाद के लिए कोई स्थान नहीं है व सोशल मीडिया पर भी नस्लवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बोला कि सोशल मीडिया कंपनियों ने – जो अन्य प्रमुख ब्रांडों ने घृणित सामग्री से निपटने के लिए बदलाव के लिए बहिष्कार किया है। उन्हें अधिक जवाबदेही व पारदर्शिता अपनाने जरुरत है।

बेवरेज जाइंट के नाम से प्रसिद्ध कोका कोला ने CNBC को एक इंटरव्यु में बताया है कि एडवरटाईजमेंट रोकने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि वो इस अफ्रीकी अमेरिकी नागरिक समूहों द्वारा पिछले हफ्ते प्रारम्भ किए गए आंदोलन में शामिल हो रहा है।

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