आखिर मिल ही गया घुटनों के दर्द गठिया आर्थराइटिस का अचूक तेल

घुटने का दर्द आजकल की सबसे जटिल समस्या बनता जा रहा है। इस समस्या से ना केवल बुजुर्ग बल्कि जवान युवा भी परेशान रहने लगे है। और इसका सबसे बड़ा कारण है शरीर में पोषक तत्वों की कमी का होना।

जिससे हडिडयाँ कमजोर हो जाती है और यह समस्या पनपने लगती है। लेकिन क्या आप ये जानते है कि आपका यह दर्द चाहे पुराना हो या फिर नया इसके लिए आपको किसी डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। घुटने के दर्द का उपचार आप घर बैठे ही आयुर्वेदिक तरीके से कर सकते हैं।

इसके लिए ना तो आपको किसी तरह की महंगी दवाइयों की आवश्यकता है। और ना ही महंगे इलाज के लिए बाहर जाने की इस तरह की स्थिति में आप घरेलू उपचार से काम कर सकते हैं।

chodo ka dard ka ilaj in hindi

कैलेस्ट्रोल आयल आज के समय में घुटनों के दर्द से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा और प्रभावी उपचार माना जा रहा है। यह तेल किसी भी पुरानी घुटने की चोट और गठिया से पीड़ित लोगों के लिए एक खास रूप में सामने आ रहा है।

इसके इस्तेमाल से लोगों को बहुत फायदा पहुंचा है। तभी तो लोग इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं। घुटनों के दर्द के इलाज के लिए कैस्टर ऑयल किस तरह से प्रभावित है चलिए आपको बताते हैं।

इसमें कोई शक नहीं कि अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल) घुटनों के दर्द के लिए रामबाण इलाज साबित हुआ है।

इसका उपयोग करने के लिए आप नहाने से पहले अरंडी के तेल को गर्म करके इसे अपने शरीर पर लगाते हुए धीरे-धीरे मालिश करें।

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इसका इस्तेमाल करने के लिए आप इसका एक पैक भी तैयार कर सकते हैं। अगर आप इस तेल के पैक को घर पर ही बनाना चाहते हैं। तो जाने कि कैसे तैयार करें प्राकृतिक पैक।

पैक बनाने की सामग्री

· 100% शुद्ध अरंडी का तेल

· हिटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल

· प्लास्टिक की चादर या सिलोफन

· कपड़े के तीन छोटे-छोटे टुकड़े

· एक पुराना तोलिया

एक साफ कपड़े को गर्म पानी में डालकर भिगो दें फिर इस पर कैस्ट्रॉल आयल की कुछ बूंदें डालें इसमें तेल इतना ना डालें कि कपड़े से टपकने लगे।

अब इसे दर्द वाले स्थान पर घुटने पर रखें और सिलोफन की मदद से उस स्थान को कपड़े से पूरी तरह से कवर करके बांध लें। अगर आपके पास सिलोफन नहीं है तो आप पुराने तौलिये का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

इसके बाद जिस जगह पर ज्यादा दर्द हो रहा है उस जगह पर गर्म पानी के बोतल से 6 से 7 घंटे तक सिकाई करते रहे।

घुटनों के दर्द में कैस्टर ऑयल से बना पैक काफी लंबे टाइम तक दर्द से राहत दिलाने का काम करता है। इसका उपयोग करते रहने से आप इस दर्द से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

कैस्ट्रॉल आयल कैसे घुटने के दर्द को कम करने में मदद करता है यह आपके मन में सवाल उठा रहा होगा तो हम आपको बता देते हैं

दोस्तों कैस्टर ऑयल का उपयोग करने से यह हमारे शरीर के अंदर प्राकृतिक रूप से लिंफोसाइटों की संख्या बढ़ाने का काम करता है। लिंफोसाइट कोशिकाओं के बीच में पाया जाने वाला टी सेल शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है।

कैस्ट्रॉल आयल की मालिश से 24 घंटे में ही टी कोशिकाओं की संख्या आसानी से बढ़ जाती है। टी कोशिकाओं जो शरीर के रोगों से लड़ने में सहायक होती हैं। यह एक प्रकार की श्वेत रुधिर कणिका है। जो वायरस, बैक्टीरिया, कवक को मारकर कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती हैं।

टी कोशिकाओं शरीर में लगने वाली चोटों को भी दूर करने का काम करती हैं। इसके अलावा शरीर के पुराने दर्द को भी ठीक करने का काम करती हैं।

कैस्टर ऑयल गठिया के रोगों को दूर करने का एक ऐसा लोशन है। जो बहुत कम समय में इस दर्द से राहत प्रदान करने में समर्थ है। और इसका असर काफी लंबे समय तक बना रहता है इस तेल को आप विभिन्न फार्मेसियों के साथ मेडिकल स्टोर से ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं। केपिसियन नाम का तरल पदार्थ अरंडी के तेल के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है।

जो घुटनों के दर्द के इलाज का सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है। कैप्साईसिन में पाए जाने वाली गर्माहट से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

इसका उपयोग हिटिंग प्रभाव के लिए किया जा सकता है। केस्टीवा लोशन दो तरह के होते हैं जो हिटिंग देने के साथ-साथ गर्माहट भी देते हैं। ठंडे कैस्टर लोशन में मिथाइल सैलिसिलेट या मेंथॉल पाया जाता है।

जो ठंडक देने का काम करता है ठंडा लोशन वार्मिंग लोशन की तुलना में ज्यादा महंगा होता है।

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लखनऊ ट्रिब्यून

Vineet Kumar Verma

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