आज से बदल गए फाइनैंस और इंश्योरेंस से जुड़े ये 5 नियम

नई दिल्ली: आज से बदल गए फाइनैंस और इंश्योरेंस से जुड़े ये 5 नियम, जरूर जानेंआज से कार-बाइक के बीमा से जुड़े नियमों में बदलाव हो रहा है। भारतीय बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नए नियम के अनुसार आपको गाड़ी के बीमा पर फिलहाल खर्च होने वाली बड़ी राशि से निजात मिल जाएगी। IRDAI ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि 1 अगस्त 2020 से नए वाहन (चार पहिया व दो पहिया) के लिए लिया जाने वाला थर्ड पार्टी और Own damage बीमा, जो 3 से पांच साल के लिए लेना होता था, उसकी कोई जरूरत नहीं होगी। ऐसे में नए वाहन खरीदना थोड़ा सस्ता होगा।

मिनिमम बैलेंस
मिनिमम बैलेंस को लेकर आज से नियम बदल गए हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, ऐक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आरबीएल बैंक ने आज से ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव कर दिया है। इनमें से कुछ बैंक कैश निकालने और जमा करने पर फीस वसूलेंगे तो कई मिनिमम बैलेंस की सीमा बढ़ाने की तैयारी में है। मिनिमम बैलेंस वह रकम होती है जो आपको खाते में मेनटेन करनी पड़ती है। खाते में इससे कम अमाउंट होने पर पेनाल्‍टी लगती है।

पीएम किसान योजना की दूसरी किस्त
देश के करीब 10 करोड़ किसानों को आज से पीएम किसान सम्मान योजना की दूसरी किस्त का लाभ मिलना शुरू होगा। इस सम्मान योजना के तहत हर रजिस्टर्ड किसान को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए (सीधे अकाउंट पर) साल में तीन बार (अप्रैल, अगस्त, दिसंबर) 2000-2000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। मतलब एक साल में उन्हें 6000 रुपये मिलते हैं।

ई-कॉमर्स के लिए नए नियम
आज से ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियम बदल गए। अब उन्हें यह बताना जरूरी हो गया कि कोई भी प्रॉडक्ट किस देश में बना है। कंपनी चाहे भारत में रजिस्टर्ड हो या विदेश में, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अगर वह भारत में कारोबार कर रही है तो सामान बेचने पर यह नियम लागू होगा। नए नियमों के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियों को बिक्री के लिए रखे गये सामानों और सेवाओं की कुल कीमत के साथ अन्य शुल्कों का पूरा ब्योरा देना होगा। साथ ही उन्हें यह भी बताना होगा कि किसी भी प्रॉडक्ट की ‘एक्सपायरी’ तारीख क्या है।

EPF योगदान बढ़ा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8 मई को आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने ऐलान किया था कि मई, जून और जुलाई के महीने में EPF (Employee Provident Fund) का योगदान 24 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। मतलब एंप्लॉयी और एंप्लॉयर का योगदान 12-12 फीसदी से घटाकर 10-10 फीसदी कर दिया गया। वह मियाद पूरी हो चुकी है। आज से एकबार फिर पुराना नियम लागू हो गया। मतलब एंप्लॉयी और एंप्लॉयर का योगदान फिर से 12-12 फीसदी होगा।

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