आबकारी नीति के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा

लखनऊ ब्यूरो। उप्र आबकारी नीति 2019-20 के खिलाफ सैकड़ों शराब व्यापारियों ने दारुलशफा से हजरतगंज चौराहे के जीपीओ पार्क तक मार्च निकाला। व्यापारियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों को व्यापार विरोधी बताते हुए मोर्चा खोल दिया है।

लखनऊ शराब एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप सिंह, महामंत्री कन्हैयालाल कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष 2019-20 की नीति बनाते हुए शराब पर कोटा पद्धति लागू करने जा रही है। शराब के कारोबार से जुड़े हर वर्ग के लोगों को इस नीति से नुकसान होगा। इसके लिए नई आबकारी नीति का व्यापारी विरोध कर रहे हैं। प्रदेश सरकार इस नीति को वापस लेकर संशोधित नई नीति लाए। या फिर पुरानी नीति को भी लागू कर सकते हो तो कर दे।

उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में छोटे दुकानदारों पर ज्यादा असर पड़ेगा। कोटा लागू होने के बाद वे बंध जाएंगे। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़ी दुकानों तक उसका असर होगा। यह नीति से शराब व्यापारियों का केवल नुकसान होगा, लेकिन इससे प्रदेश सरकार के राजस्व को फायदा होने की पूरी सम्भावना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक मामले को लेकर जाया जाएगा। अगर आबकारी नीति में बदलाव नहीं होता है तो आगे पूरे प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं दूसरे ओर, शराब कारोबारियों के एक संगठन ने आबकारी नीति 2019-20 को पूरी तरह से सही बताया है। इससे जुड़े थोक कारो​बारियों ने राजस्व को मजबूत करने वाली नीति का स्वागत किया है।

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