आय से अधिक संपति मामले में सपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

एटा: जिला प्रशासन ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेन्द्र सिंह यादव व उनके पूर्व विधायक भाई रामेश्वर सिंह यादव के विरुद्ध गृह व राजस्व विभाग के आदेश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व आय से अधिक संपति मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जाएगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व महासचिव रामगोपाल यादव के करीबी दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज इस प्राथमिकी से जहां राजनीतिक हलकों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं खास बात यह भी है कि दोनों के विरुद्ध जिस शिकायत की जांच के बाद यह आदेश हुए हैं, वह भी एक पूर्व सपा विधायक द्वारा ही की गयी थी।

दरअसल, सपा में हुई टूट के बाद जहां जिले के तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेन्द्र सिंह यादव व उनके अलीगंज से विधायक भाई रामेश्वरसिंह यादव अखिलेश व रामगोपाल गुट के साथ थे। वहीं, वर्तमान विधान परिषद सभापति रमेश यादव व उनके विधायक पुत्र आशीष यादव मुलायम-शिवपाल के साथ खड़े थे। इस दौरान दोनों में चले आरोप-प्रत्यारोपों के बाद जब विधानसभा के चुनाव हुए तो अखिलेश यादव के प्रभुत्ववाली सपा ने आशीष के स्थान पर जुगेन्द्र को विधानसभा का टिकट थमा दिया। इससे विरोध की आग और भड़क गयी तथा आशीष यादव ने एटा से चुनाव लड़े जुगेन्द्र सिंह यादव व अलीगंज से चुनाव लड़े उनके भाई रामेश्वर सिंह यादव द्वारा चुनावों के समय की गयी सम्पत्ति की घोषणा को आधार बनाते हुए शासन से मई 2017 में सम्पत्ति के आय से अधिक होने की शिकायत कर दी। इस शिकायत में जुगेन्द्र की 92 बीघा कृषि भूमि व 19 बीघा गैर कृषि भूमि, रामेश्वर सिंह की पत्नी राममूर्ति के नाम पर दर्ज 138 बीघा जमीन, शीतलपुर में बने फार्म हाउस की जमीन व आसपुर की जमीन पर भी अवैध कब्जे की बात कही गयी थी।

मंडलायुक्त अलीगढ़ द्वारा कराई गयी इस जांच में शिकायत के सही पाये जाने पर मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गयी। जहां गृह विभाग के विशेष सचिव अखिलेश तिवारी और राजस्व विभाग के विशेष सचिव सुधीर सिंह चौहान ने एटा के जिलाधिकारी को दोनों सपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ-साथ अवैध सम्पत्ति से आरोपियों का कब्जा हटवाने के साथ मामले की जांच एसआईटी द्वारा कराने के निर्देश दिए जाने के बाद रविवार की देर रात एटा तहसील के कानूनगो नेत्रपाल सिंह के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के जीटी रोड पर अरबों की कीमत की जमीन राजस्व अभिलेखों में शीतलपुर ग्रामपंचायत की जमीन के नाम से दर्ज है तथा इसका एक भाग नवीन पुलिस चौकी के लिए एलाटेड है। इसी प्रकार आसपुर के फार्म हाउस सहित अलीगंज तहसील स्थित दोनों के पैत्रक गांव अमृतपुर सहित अनेक स्थलों की जमीनें जबरन कब्जाई हुई हैं। जिला प्रशासन द्वारा रविवार की रात दर्ज कराई प्राथमिकी एटा तहसील की जमीन से संबंधित है। अगर जांच आगे बढ़ी तो एटा व अलीगंज तहसील में ऐसी अन्य प्राथमिकी तो दर्ज होंगी ही, लखनऊ, आगरा, कानपुर व नोएडा में भी ऐसी प्राथमिकी दर्ज हो सकती हैं।

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