आसान हो जाएगा मकान और दुकान किराये पर लेना-देना, सरकार ला रही ये महत्वपूर्ण कानून

नई दिल्ली: किरायेदारों व मकान मालिकान की दिक्कतों को दूर करने के लिए मोदी सरकार जल्द ही एक महत्वपूर्ण कानून लाने जा रही है। इसके बाद मकान हो या फिर दुकान, उसे किराये पर लेना-देना आसान हो जाएगा। इसके लिए मॉडल किरायेदार अधिनमियम अंतिम चरण में है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इसे अंतिम रुप देने के लिए मंत्रियों के समूह की 2 मुलाकातें भी हो चुकी है। सरकार का इरादा अगस्त में इस पर कैबिनेट से मंजूरी लेने का है।

बता दें कि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार रेंटल हाउसिंग के बारे में आदर्श किराया कानून बनाएगी। उन्‍होंने कहा कि रेंटल हाउसिंग से जुड़े मौजूदा कानून पुराने हैं और वे संपत्ति मालिक और किरायेदार की दिक्कतों को दूर करने में असमर्थ हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक मकान मालिक और किराएदार के वित्तीय रिश्तों और अधिकारों को नए सिरे से परिभाषित किया जाएगा।

नए कानून में होंगे ये अहम प्रावधान

नए कानून के प्रावधानों में कहा गया है कि मकान मालिक 3 महीने के किराये से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकेगा। मकान खाली करने की सूरत में 1 महीन में सिक्योरिटी वापस करनी होगी। मकान मालिक मकान के नवीनीकरण के बाद किराया बढ़ा सकता है। मकान मालिक को मकान में आने के 1 दिन पहले नोटिस देना होगा। झगड़े की स्थिति में कोर्ट की बजाय स्पेशल किराया ट्रायबूनल बनाए जाएंगे। किरायेदार मकान को आगे किराये पर नहीं दे सकता है।

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