आॅनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में दवा दुकानों पर ताला

लखनऊ ब्यूरो । आॅनलाइन दवा व्यापार में ई-फॉर्मेसी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा जारी ड्रॉफ्ट के विरोध में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर बंद हैं। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर दवा दुकानदारों ने बंद किया है।
प्रदेश में करीब एक लाख 12 हजार दवा दुकानें बंद रहीं। दुकानदारों ने लखनऊ के अमीनाबाद समेत अन्य शहरों में भी सभाएं की हैं। दुकानें बंद होने से करीब 90 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित रहा। खरीद और बिक्री दोनों पर असर रहा।

लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन लखनऊ के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि लखनऊ की सबसे प्रमुख बाजार अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट, गोमती नगर, अलीगंज, कैसरबाग, आलमबाग, चौक, मेडिकल कॉलेज समेत अन्य इलाकों में होलसेल व रिटेल की करीब छह हजार दवा दुकानें बंद रहीं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यापार का केंद्र नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बिना रोक-टोक के ऑनलाइन फार्मेसी को बढ़ावा दिया जा रहा है, उससे प्रतिबंधित दवाओं के प्रयोग पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

दवा व्यापारियों का कहना है कि ई-फॉर्मेसी को बढ़ावा देने से इसका असर सीधे मरीजों पर पड़ेगा। लोग गलत दवाएं मंगा लेंगे। उनकी जांच के लिए सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी। सरकारी और निजी अस्पतालों में दवा लेने के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ी। अधिक भीड़ और अव्यवस्था के चलते सरकारी अस्पताल में तो कई जगह मरीज बिना दवा लिए लौट गए।

हालांकि आपात स्थिति में अस्पतालों और नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर को इससे छूट दी गई है। दवा विक्रेता संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी से दवा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। यही नहीं इसका असर दुकानदारों और उससे जुड़े कर्मचारियों के रोजगार पर भी पड़ेगा।गाजियाबाद के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह व्यापारियों ने जाम लगाया और मेडिकल स्टोर समेत कई दुकाने बंद की। दवा की दुकानें बंद होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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