इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने वीएलसीसी के वेट मैनेजमेंट एंड वेलनेस प्रोग्राम का अनुमोदन किया

भारत में तेजी से विकसित हो रहे वेलनेस सर्विसेज सेगमेंट में अग्रणी, प्रमुख ब्यूटी एंड वेलनेस ब्रांड वीएलसीसी के वेट मैनेजमेंट और वेलनेस कार्यक्रमों पर अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की मुहर लग चुकी है। कम्पनी ने आज यह घोषणा करते हुए कहा कि वीएलसीसी भारत में एकमात्र वेट मैनेजमेंट एंड वेलफेयर सर्विसेज कम्पनी है, जिसे आईएमए द्वारा इस तरह की रेटिंग प्रदान की गई है। विस्तृत परिश्रम और साथ ही आईएमए द्वारा एक प्रक्रिया और तकनीकी विशेषज्ञता ऑडिट के बाद कम्पनी द्वारा वेलनेस और वेट-मैनेजमेंट डिलीवरी की प्रक्रिया को कवर करने और उसके परिणाम के बाद वीएलसीसी द्वारा अनुशंसित अनुमोदन प्राप्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि वीएलसीसी का वेट मैनेजमेंट एंड वेलनेस प्रोग्राम आहार में वांछित सुधार, शारीरिक गतिविधियों आहार, थ्रेप्टिक बॉडी थेरेपीज और व्यवहार परामर्श पर आधारित है और प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनुकूलित हैं। यह कार्यक्रम कम्पनी के प्रत्येक वेलनेस सेन्टर्स पर विशेषज्ञों की टीम द्वारा जिनमें न्यूट्रोलॉजिस्ट्स, फिजियोथेरेपिस्ट, फिटनेस एक्सपट्र्स और बिहेवियरल काउन्सलर शामिल है, चिकित्सक की उपस्थिति एवं पर्यवेक्षण (सुपरविजन) में किया जाता है।

वीएलसीसी के वर्तमान में दक्षिण एशिया, मध्यपूर्व एवं पूर्वी अफ्रीका में विभिन्न 16 देशों के 150 शहरों में 250 वेलनेस सेन्टर्स कार्यरत हैं। अनुमोदन मिलने के बाद वीएलसीसी ग्रुप की संस्थापिका एवं को-चेयरपर्सन श्रीमती वन्दना लूथरा ने कहा, ‘हम वास्तव में आईएमए द्वारा अनुशंसित होने के लिए काफी प्रोत्साहित हैं। इसके अलावा इस बात की पुष्टि है कि वीएलसीसी की वैज्ञानिक रूप से मान्य समाधान और वितरण प्रक्रियाएं सुरक्षित और असरकारक हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह स्थान हमारे आरएंडी पर निरंतर निवेश और उच्च प्रशिक्षित पेशेवरों के सहयोग के साथ ही सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करने के प्रति वितरण मापदंडों का सख्ती से पालन के बाद प्राप्त किया है। वीएलसीसी हमेशा औसत दर्जे के परिणामों पर एक स्पष्ट ध्यान देने के साथ सबसे अच्छा, सबसे वैज्ञानिक वजन प्रबंधन और कल्याण समाधानों को पेश करके उद्योग में अग्रणी ध्वजवाहक रहा है।’ श्रीमती लूथरा ने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि ‘हम मानव जीवन को बदलने के लिए टेक्नोलॉजीज, एक्सपट्र्स, विधियों और स्वामित्व प्रक्रियाओं में निवेश करना जारी रखेंगे।’

अनुमोदन पर टिप्पणी करते हुए आईएमए के मानद वित्त सचिव डॉ. रमेश कुमार दत्ता ने कहा, ‘गैर-संचारी (नॉन क्म्युनिकेबल) और लाइफस्टाइल के कारण होने वाली बीमारियां जैसे मोटापा और अधिक वजन और उनकी सम्बन्धित बीमारियां, आसानी से रोके जाने के कारण, तेजी से भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही हैं। इस तरह की बीमारियों के प्रबन्धन के तनाव के साथ देश की उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा वितरण बुनियादी ढांचे पर भारी पड़ रहा है, जबकि यह जीवन के लिए खतरनाक और संचारी रोगों को सामना करने के लिए बेहतर पेशकश कही जा सकती है। वीएलसीसी अपनी वैज्ञानिक प्रक्रिया संचालित वेलनेस एंड वेट मैनेजमेंट प्रोग्राम्स के साथ, प्रिवेन्टिव हेल्थ केयर डिलीवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। हम इस क्षेत्र के अन्य घटकों से भी इस प्रकार की वैज्ञानिक रूप से मान्य सेवा वितरण पद्धति को अपनाने का आग्रह करेंगे।’

वीएलसीसी 1989 में स्थापित, भारत में वेलनेस एंड ब्यूटी डोमेन में एक अग्रणी और लीडर रहा है, जिसके 10 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं और सालाना 170,000 किलोग्राम से अधिक वेट-लॉस करते हैं। वेट मैनेजमेंट और वेलनेस सेवाओं के लिए 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक चिकित्सा शर्तों वाले व्यक्ति हैं। इसके 4,500 कर्मचारियों में से अधिकांश विषय विशेषज्ञ हैं जिनमें मेडिकलन चिकित्सक, पोषण विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, फिटनेस ट्रेनर और कॉस्मेटोलजिस्ट शामिल हैं। यह शोध एवं विकास (आरएंडी) में अपने वाॢषक राजस्व का 2 फीसदी निवेश करता है और 10 से अधिक देशों के 70 से अधिक विशेषज्ञों और विशेषज्ञों की एक बहु-राष्ट्रीय टीम है जो इस प्रयास को अंजाम देते हैं। वर्षों से अपने वेलनेस और ब्यूटी सॉल्यूशन्स को सस्ती, प्रभावी और सुरक्षित बनाने के साथ, वीएलसीसी डोमेन में एक श्रेणी के लीडर के रूप में उभरा है, जिसमें कई प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता-केंद्रित बाजार अफर जैसे एश्योर्ड रिजल्ट, मनी-बैक गारंटी, ईएमआई आधारित भुगतान शामिल हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए के साथ-साथ किशोर मोटापे के लिए विशेष छूट का प्रावधान भी रखा गया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper