इन साधुओं के शाही स्नान से शुरू होगा कुंभ का महापर्व

मकर संक्रांति के दिन से शुरू होकर 50 दिनों तक चलने वाले कुंभ के शुरू होने में अब बस कुछ दिन शेष है। इस कुंभ को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां कर ली है और कुंभ में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो इसके लिए प्रशासन ने इस बार जबरदस्त तैयारियां की है। 50 दिनों तक चलने वाले कुंभ के बारे में आप सब लोग जानते है की इसका आयोजन क्यों किया जाता है।

लेकिन आप को यह पता नहीं होगा की इस कुंभ का आगाज कैसे और कौन करता है। आज हम आपको कुंभ के शुरू होने के बारे में विस्तार से बताएंगे। इस कुंभ में शामिल होने के लिए कई प्रकार के साधु शामिल होते हैं और कई साधु तो सालों बाद इस कुंभ में स्नान करने के लिए आते हैं।

इस कुंभ में सबसे पहले जो स्नान होता है उसे शाही स्नान कहते हैं और इस स्नान को नागा साधुओं के नहाने से होता है। हर बार इस कुंभ में सबसे पहले शाही स्नान नागा साधु करते हैं। साधुओं के कई अखाड़े होते हैं और इस स्नान के बाद रैंक के हिसाब से अखाड़ों का स्नान शुरू होता है। 14 जनवनी से शुरू होने वाला कुंभ महाशिवरात्रि तक चलेगा और इन 50 दिनों तक भारत देश कुंभ के रंग में रंगा रहेगा।

कुंभ के समय प्रयागराज में कई प्रकार के धार्मिक आयोजन होंगे और साधु संतों के शिविरों और तंबुओं से हवन के मंत्रों की ध्वनि सुनाई देगी। 50 दिनों तक आपको कुंभ में साधुओं का एक ऐसा रूप देखने का मिलेगा जिसे देखने के लिए दुनिया भर के लोग इसका सालों से इंतजार करते है। तीन नदियों के संगम पर आयोजित होने वाला कुंभ शाही स्नान के साथ भक्ती में डूब जाएगा।

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