इमारत गिरने का मामला : 6 घंटे बाद भी मलबे से नहीं निकाले जा सके मजदूर, डीसी और एसडीएम ने किया मुआयना

गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम में गुरुवार सुबह 5 बजे गिरी चार मंजिला इमारत में बचाव के काम में तेजी लाई गई है। इमारत के गिरने की सूचना मिलते ही गुरुग्राम जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एनडीआरएफ की टीमों को बचाव कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए। गुरुग्राम एसडीएम संजीव सिंगला ने मौका का मुआयना किया और कहा इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिस कारण यह इमारत भराकर गिर गई। खास बात यह है कि घटना के 6 घंटे बीतने के बाद एक भी मजदूर को मलबा से निकाला नहीं जा सका है।

बचाव कार्य में लगाया गया है 250 लोगों को

बताते चलें कि उल्लावास में यह इमारत चार महीनों से बनाई जा रही थी। बुधवार को भी चौथी मंजिल पर लेंटर डाला गया था। काम करने वाले मजदूर इसी इमारत में सोए हुए थे। ग्रामीणों के मुताबिक इमारत का मालिक दयाराम जो कि इसी गांव का रहने वाला है। फिलहाल एनडीआरएफ की टीमें मलबे को हटा रही हैं। अभी तक किसी भी मजदूर को निकाला नहीं गया है। इस कार्य में 250 लोगों में बचाव कार्य में लगाया गया है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच: थाना प्रभारी

सुबह 5 बजे अचानक इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। इस इमारत के मलबे में 8 मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अभी सिर्फ यही बता रही है कि बचाव कार्य किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। किसी भी ग्रामीण और बाहरी आदमी को घटना स्थल तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। सेक्टर 65 थाना प्रभारी सत्यवीर यादव ने बताया कि टीम में बचाव कार्य में लगी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी ठेकेदार मकान मालिक अभी फरार है। उन्होंने बताया कि मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।

इमारत में हो रहा था घटिया सामग्री का इस्तेमाल: एसडीएम सिंगला

उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इमारत गिरने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कहां चूक हुई है। फिलहाल प्रशासन मलबे में दबे लोगों को निकालने के प्रयास में जुटा है। उधर एसडीएम संजीव सिंगला ने कहा इमारत के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था जिस कारण यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी ठेकेदार को निर्माण रोकने के लिए कहा था लेकिन वह नहीं माना। बताया जा रहा है कि यह 4 मंजिला बिल्डिंग बिना पिलर के ही बनाई जा रही थी।

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