इस एक पान की कीमत है 5000 रुपये-फिर भी खरीदारों की लगी रहती है भीड़, जानें वजह

नई दिल्ली: हमारे देश में पान की अपनी एक अलग ही अहमियत है। इसे पूजा-पाठ से लेकर मेहमानों के स्वागत के लिए खासतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, आयुर्वेद में इसे एनर्जी बढ़ाने के लिए भी काफी बेहतर बताया गया है। अपनी क्वालिटी के हिसाब इसकी कीमत भी अलग-अलग होती है, लेकिन एक ऐसा भी पान है जिसकी कीमत 100-200 नहीं, बल्कि 5000 रुपये है। मजेदार बात तो यह कि फिर भी इसे खरीदनें के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं औरंगाबाद के तारा पान सेंटर में बिकने वाले कोहिनूर पान की। खास तौर पर यह पान कपल के लिए बनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस पान को खाने से कपल में प्यार बढ़ता है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस पान का असर दो दिन तक रहता है। आमतौर पर पान की कीमत 10, 20 या फिर 100 रुपए होती होगी, लेकिन इस पान की कीमत 5000 रुपए है। शायद इसलिए इसका नाम भी कोहिनूर रखा गया है।

पान को महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए यह पान अलग अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है। यह खास पान कस्तूरी और केसर से बनता है। इसमें एक तरह का लिक्विड पड़ता है, जो पश्चिम बंगाल से मंगाया जाता है। इस पान को बनाने वाले मोहम्मद सरफुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि वो ये पान अनमैरिड कपल को नहीं देते हैं। इसे लोग ‘देसी वियाग्रा’ के नाम से भी जानते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper