इस दिवाली अयोध्या में बनेगा नया विश्व रिकार्ड, जानिए क्या है इस बार ख़ास

लखनऊ: श्री राम जन्मभूमि विवाद का फैसला आने में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं, लेकिन जिस हिसाब से अयोध्या में दिवाली की तैयारियां चल रही है उस लिहाज से ऐसा लग रहा है मानों इस साल भगवान राम कई सालों का वनवास काटकट अयोध्या वापस आ रहे और अयोध्यावासी उनके स्वागत में दिए जलाकर दिवाली मनाने वाले हैं।

जी हां ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हर साल की तरह इस साल भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम की नगरी में दीपावाली मनाएंगे। इस बार दिवाली पर अयोध्या दीपों से जगमगाने के साथ नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाएगी। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि इस वर्ष दीपोत्सव के लिए प्रदेश सरकार ने छह करोड़ का बजट आवंटित कर दिया है। इस वर्ष दीपोत्सव में 3 लाख 21 हजार दीपक जलाने का नया विश्वरिकार्ड बनाने की हमारी योजना है।

इस दीपोत्सव में थाईलैंड के राजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगें तो कई देशों के राजदूत व भारत के प्रत्येक राज्यों के पयर्टन मंत्री भी दीपोत्सव में शामिल होगें। वाटर शो, लेजर शो, रामलीला सहित विभिन्न कार्यक्रम दीपोत्सव का आकर्षण होगा।

24 से 26 अक्टूबर तक चलने वाला दीपोत्सव कार्यक्रम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा। मुख्य कार्यक्रम 26 अक्टूबर को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन और लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बार गुप्तारघाट, भरतकुंड समेत अयोध्या के 13 प्रमुख मंदिरों में तीन दिनों तक हर दिन 5001 दीये जलेंगे। इसके अलावा अयोध्या के सभी 10 हजार मंदिरों और घरों में भी दीये जलाए जाएंगे। बता दें कि पिछली दीपावली पर 3.10 लाख दिये जलाने का रिकॉर्ड बना था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper