इस महिला का नाम सुनते ही कांप जाते हैं ISIS के आतंकी

आईआईएस आतंकी संगठन से पूरी दुनिया दहशत में है. आईआईएस आतंकी संगठन का काम ही बड़े देशों में अपने ग्रुप को बढ़ावा देना है. नये युवाओं को अपने ग्रुप में शामिल होने के लिए उनके दिमाग को भ्रामित किया जाता है. युवाओं के परिवार को मुंह-मांगा पैसे की लालच देकर किसी भी इलाके या देश को तबाह कर दि जाता है. आज भारी संख्या में आईआईएस आतंकियों ने अपने डेरा बसा लिया है. हैरानी की बात तो ये है कि आतंकियों के संगठन में शामिल होने वाले सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिला भी होती हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने आईआईएस के एक-एक आतंकी का खत्मा करने का फैसला लिया है. ये महिला कोई आम महिला नहीं बल्कि आतंकी भी इस महिला का नाम सुनकर कांप जाते हैं.

इराक की रहने वाली इस महिला का नाम वहीदा मोहम्मद है. वहीदा ने इराक में ही आतंकियों के खात्मे के लिए एक कैंप खोल रखा है. वहीदा जिस तरह से आतंकियों को मौत के घाट उतारती है वो जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे. वहीदा आतंकी का सिर अलग कर देती हैं उसके बाद उसके सिर को अलग पकाती हैं और बॉडी अलग जला देती हैं. वहीदा का गुस्सा यहीं पर ही शांत नहीं होता है बल्कि वो आतंकी के मौत के बाद भी उसके साथ क्रूरता का व्यवहार करती हैं.

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37 वर्षीय वहीदा मोहम्मद की ये जंग ISIS के खिलाफ है. उसने अपने 70 साथियों के साथ इराक के मोसुल शहर से 50 मील दक्षिण में स्थित शिरकत टाउन में ISIS के खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है. वहीदा ने 2004 से ही आतंकियों के खात्मे की जंग शुरु कर दी थी. वहीदा ने बताया कि ISIS के शीर्ष नेताओं ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है. ISIS के खलीफा अबु बक्र अल बगदादी स्वयं उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुका है, लेकिन फिर भी वो घबराती नहीं है और उतना ही उनके अंदर जोश आ जाता है.

कैसे बनी वहीदा इतनी खुखांर महिला

वहीदा को इन आतंकियों ने ही खुखांर महिला बनने पर मजबूर कर दिया था. वहीदा ने बताया कि मैंने शादी की थी और मेरे पति को इन्हीं आतंकियों ने मार दिया था. दूसरी शादी की तो दूसरे पति को भी इन्हीं आतंकियों ने मार दिया था. यहां तक कि वहीदा के पिता और तीनों भाईयों को भी आतंकियों ने मार दिया था. पूरा घर उजाड़ने के बाद मेरे दिल में आतंकियों के खिलाफ खून दौड़ने लगा और तब से मैंने आतंकियों के खिलाफ लड़ाई की जंग शुरु कर दी. हालांकि कई बार आतंकियों ने मेरी कार में बम डालकर उड़ाने की कोशिश की लेकिन वो असफल रहे.

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