उफ् यह गर्मी और… आपका डॉगी

गर्मियों से इन दिनों हर कोई परेशान है। इंसान ही नहीं, पालतू डॉगी भी बुरी तरह हांफ रहे हैं। हालांकि गर्मियों में इंसान तो शरीर से पसीना बहाकर गर्मी से निजात पा लेते हैं, लेकिन डॉगी की त्वचा में स्वेट ग्लैंड्स नहीं होने के चलते वह पसीने के रूप में शरीर की गर्मी को बाहर नहीं निकाल पाता। कहने का मतलब यह है कि डॉग को गर्मी में पसीना नहीं आता। इसी के चलते वह जीभ बाहर निकालकर हांफ-हांफ कर अपने शरीर को ठंडा रखता है। इसके अलावा गर्मी से निजात पाने के लिए वे पैरों के निचले हिस्से का भी सहारा लेते हैं। बात अगर कुत्तों की नस्लों की कि जाए, तो विदेशी मूल की नस्ल के कुत्तों को गर्मी ज्यादा लगती है। जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर, पग, बुल डॉग आदि विदेशी नस्ल के कुत्तों को गर्मियों का मौसम ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए इस मौसम में इन्हें विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

डी-हाइड्रेशन से बचाएं : गर्मियों में इंसानों की ही तरह डॉग को भी हीट स्ट्रोक लगने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसके चलते डॉगी में डि-हाइड्रेशन डेवलप हो जाता है। इसे सामान्य भाषा में हम लू लगना भी कहते हैं। गर्मियों में डॉग को डि-हाइड्रेशन से बचाने के लिए डॉग के पास हमेशा पानी रखा रहना चाहिए, जिससे वह समय-समय पर पानी पी सके। गर्मियों के मौसम मे दिन के समय डॉग को दिए जाने वाले पानी में थोड़ा इलेक्ट्रॉल और ग्लूकोज या फिर नमक-चीनी भी मिला दें। यह डॉग को डि-हाइड्रेशन से बचाने में मददगार होता है। इसके अलावा डॉग को दिन के समय छायादार एवं ठंडे स्थान पर ही रखें। हो सके, तो कमरे में एसी में ही डॉगी के लिए जगह बनाएं।

धूप में कम ले जाएं : इन दिनों घर के बाहर कड़ी धूप पड़ रही है। शाम 6 बजे तक धूप का ही मौसम रहता है। इसीलिए अगर आपका डॉगी खुले में रहता है, तो उसे धूप में न रहने दें। अपने डॉगी के लिए छायादार स्थान बनाएं। जहां तक हो सके डॉगी को सीधी धूप से बचाएं। यदि डॉगी को गर्मी ज्यादा लग रही है, तो उसके शरीर को ठंडे पानी से गीला कर सकते हैं। ऐसा करने से उसके शरीर का तापमान कम होगा और उसे गर्मी से राहत मिलेंगी। अगर आपका डॉगी विदेशी नस्ल का है, तो दिन के समय उसे घर के अंदर कूलर या एसी में ही रखें। इससे उन्हें गर्मी से राहत मिलेगी।

सुबह या शाम ही बाहर निकालें : ठंड के मौसम में तो आप किसी भी समय अपने डॉगी को घुमाने बाहर ले जा सकते हैं, लेकिन गर्मियों में डॉग को घुमाने के लिए हमेशा सुबह और शाम का समय ही चुनें। सूरज चढऩे के बाद डॉगी को घुमाने न ले जाएं। अगर आपका डॉगी हांफने लगे या उसके मुंह से झाग आने लगे, तो समझ जाना चाहिए कि उसे गर्मी या लू का असर हो गया है। इस स्थिति में उसे डॉक्टर के पास ले जाएं। अगर आपके डॉग के शरीर पर ज्यादा बाल हैं, तो उन्हें गर्मियों के मौसम में समय-समय पर कटवाते रहें। छोटे बालों में गर्मी कम लगती है। ऐसा करने से उसकी स्किन पर पनपने वाले बैक्टीरिया और पैरासाइट से भी उसे बचाया जा सकता है।

सही रखें खान-पान : जिस तरह इंसानों को गर्मियों में कम भूख लगती है, उसी तरह डॉगी भी इन दिनों सामान्य दिनों की अपेक्षा कम खाता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने डॉगी को गर्मियों में संतुलित आहार दें। इसके लिए बाजार में उपलब्ध रेडिमेड डॉग फूड एक अच्छा विकल्प है। रेडिमेड डॉग फूड से उसे पूरा पोषण मिलेगा। खाने का समय और जगह ठंडी हो, क्योंकि ज्यादा गर्मी होगी तो वह खाना नहीं खाएगा। घर के खाने में दही-चावल जैसा हल्का आहार खिलाएं। अगर डॉगी को थकान, उल्टी या अचानक उसकी हार्टबीट बढ़ जाए, तो तुरंत उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।

हेल्थी टिप्स

न्यू बॉर्न पपी को गाय के दूध से एलर्जी हो सकती है। पाउडर वाला दूध पपी को देते समय उसमें उबला हुआ या डिस्टिल्ड वॉटर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जरा सी लापरवाही से पपी को लूज मोशंस हो सकते हैं। बकरी का दूध भी एक बेहतर ऑप्शन होता है।

गर्मियों में डॉग को रोजाना नहलाएं। ध्यान रहे कि शैंपू रोजाना मत करें। जिस भी शैंपू का इस्तेमाल करें, डॉक्टर से पूछकर ही करें।

खड़ी या रुकी गाड़ी में ज्यादा देर के लिए कुत्तों को मत रखें। इससे उनके दिमाग को नुकसान पहुंचता है। कई बार इस तरह ज्यादा गर्मी की वजह से डॉगी की मौत भी हो सकती है, क्योंकि गर्मियों में कुत्ते कम खाते हैं और अपने शरीर का तापमान कम करने के लिए ऊर्जा ज्यादा नष्ट कर देते हैं।

कुत्तों के शरीर का फर सूरज की किरणों से उनकी रक्षा करता है। अगर पपी या डॉग की स्किन लाइट है और बाल बहुत पतले हैं, तो उसे घर के अंदर ही रखें।

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