एलोवेरा के बाद अब दूध-दही-पनीर लेकर आए रामदेव, पतंजलि की डेयरी कारोबार में एंट्री

नई दिल्ली: योग गुरू स्वामी रामदेव के संस्थान ‘पतंजलि’ ने लगातार अपने दायरे को बढ़ाया है. गुरुवार से पतंजलि ने अब दूध, दही, छाछ और पनीर की इंडस्ट्री में भी कदम रख दिया है. योगगुरु रामदेव ने गुरुवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इसका ऐलान किया.

योगगुरु रामदेव ने आज कुल पांच नए प्रोडक्ट को लॉन्च किए. रामदेन ने इस मौके पर ऐलान किया कि इस साल दिवाली पर पतंजलि के कपड़े के प्रोडक्ट लॉन्च होंगे. उन्होंने कहा कि कपड़ों में जींस, शर्ट, पैंट, कमीज़, साड़ी, जूते, चप्पल सब कुछ मिलेगा. बता दें कि रामदेव की कंपनी पतंजलि इससे पहले फुटकर सामान, घरेलू सामान की इंडस्ट्री में अपना दबदबा मनवा चुकी है.

लॉन्च के दौरान रामदेव ने कहा कि बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र से दूध लिया जा रहा है, हम यहां के किसानों से दूध ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि पतंजलि गाय का शुद्ध दूध 40 रुपए प्रति लीटर के दाम से मिलेगा. शुक्रवार से ही 4 लाख लीटर दूध बाजारमें उपलब्ध होगा. उन्होंने कहा कि इससे करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.

आइए गणेश चतुर्थी पर जाने गणपति बप्पा के बारे में हैरान कर देने वाली बातें…

1. डेयरी प्रोडक्ट्स (गाय दूध, दही, छाछ, पनीर)

2. दुग्धामृत (चारा)

3. फ्रोजन सब्जी

4. सोलर पैनल, सौलर लाइट

5. पीने का फिल्टर पानी
अब दूध प्रोडक्ट्स की इंडस्ट्री में आने के साथ ही रामदेव का सीधा मुकाबला अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों से होगा. पंतजलि की आयुर्वेदिक दवाइयां, टूथपेस्ट, मसाले आदि मार्केट में अपनी मजबूत जगह बना चुके हैं. पतंजलि का टर्नओवर भी पिछले कई सालों में लगातार बढ़ा है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper