कई दिनों से घर नहीं गए..फिर भी जोश में कोई कमी नहीं, इन पुलिसवालों को सब कर रहे सैल्यूट

झारखंड. ये तस्वीरें देश की असली ताकत दिखाती हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने देश में 21 दिनों का लॉक डाउन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों और हेल्थ वर्करों के अलावा पुलिस जी-जान से ड्यूटी कर रही है। पुलिस को दोहरी ड्यूटी निभानी पड़ रही है। पहली, लॉक डाउन का पालन कराने मुस्तैद रहना पड़ रहा है, दूसरा वे अपने-अपने एरिया में गरीबों और असहाय लोगों की मदद भी कर रहे हैं। बीमारों को हॉस्पिटल पहुंचा रहे हैं। गरीबों को भोजन के पैकेट बांट रहे हैं। इसके अलावा और भी कई तरीके से मदद कर रहे हैं। लॉकडाउन से सबसे ज्यादा दिक्कत गरीबों को हो रही है। ये लोग भूखे न रहें, इसलिए पुलिसवाले उनके पास जाकर खाने के पैकेट बांट रहे हैं।

यह तस्वीर रांची के चर्च रोड की है। यहां एक मां अपने दो बच्चों के साथ भूखी-प्यासी सो रही थी। जब वहां से गुजर रही लोअर बाजार पुलिस की नजर उन पर पड़ी। तो पुलिसवालों ने फौरन बच्चों और मां को खाना खिलाया। एक पुलिसवाले ने खुद अपने हाथ से बच्चे को खाना खिलाया।लॉक डाउन के दौरान कई स्वयंसेवी संगठन भी पुलिस के जरिये लोगों तक खाने के पैकेट पहुंचा रहे हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper