कबूतरों का मल स्वास्थ्य के लिए जानलेवा

नई दिल्ली: हाल के दिनों में कबूतरों की लगातार बढ़ती संख्या लोगों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रही है। दरअसल, कबूतरों के मल से होने वाली जानलेवा बीमारी हो सकती हैं। हालां‎कि इनसे बचने के लिए लोग अपने घरों के एसी में स्पाइक लगवा रहे हैं। क्योंकि, कबूतर लोगों के घरों के एसी पर जाकर बैठ जाते हैं, जिसकी वजह से एसी भी खराब होते हैं और इससे हवा में जहर भी घुलता है। बता दें ‎कि इस पर हाल मे एक ‎किया गया हैं, ‎जिसमें बताया गया है कि कबूतरों के मल से सांस लेने की तकलीफ बढ़ सकती है।

कबूतर या किसी भी पक्षी का मल जब हवा में मिलता है तो यह हवा के जरिए फेफड़ों में पहुंच जाता है। लगातार गंदगी फेफड़ों में पहुंचने से फेफड़े सिकुड़ जाते हैं। इससे सांस लेने में तकलीफ होती है और इस बीमारी से निपटना मुश्किल है। साउथ दिल्ली के सीआर पार्क में रहने वाली अनंदिता ने बताया कि कबूतरों के मल से होने वाली जानलेवा बीमारी के बारे में वह लंबे समय से लोगों को जागरूक कर रही हैं। वहीं, कबूतरों की बढ़ती संख्या से परेशान होकर कई लोग घर भी छोड़ चुके हैं। ले‎किन, एसी के ऊपर नुकीली कीलें और स्पाइक्स लगाकर पक्षियों को बैठने नहीं देना उनकी जान तक ले सकता है। ज्यादातर ऐक्टिविस्ट इसे क्रूरता मानते हैं।

पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स के पब्लिक पॉलिसी हेड निकुंज शर्मा ने बताया कि स्पाइक्स की वजह से कई बार कबूतर जख्मी हो जाते हैं और उनकी जान तक चली जाती है। उन्होंने कहा ‎कि अगर आप एसी के ऊपर पक्षियों को घोंसला नहीं बनाने देना चाहते तो वहां पर एक खिलौना रख दिजिए। इससे कबूतर सोचते हैं कि यहां पहले से कोई पक्षी रहता है और वे उस जगह से चले जाते हैं। ऐसा करने में कोई रिस्क भी नहीं है।

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