कभी भूल से भी ना रखें अपने बच्चों के यह चार नाम

दोस्तों कभी भूल से भी ना रखें अपने बच्चों के यह 4 नाम अन्यथा कुछ भी हो सकता है। दोस्तों जब घर में बच्चे का जन्म होता है तो माहौल बहुत ही खुशनुमा हो जाता है। जब किसी के घर में कोई बच्चा जन्म लेता है। तो सभी के मन में यही इच्छा होती है कि उसका नाम क्या होगा और किस अक्षर से शुरू होगा। लेकिन बहुत से व्यक्ति अपने बच्चों का नाम पौराणिक आधार पर रखते हैं।

जैसे कि करन-अर्जुन सीता-राम किशन आदि लेकिन कुछ ऐसे भी नाम है जिन्हें कोई भी नहीं रखना चाहता तो चलिए जानते हैं वह नाम क्या है?

गांधारी

गांधारी एक महान और बहुत ही गुणी स्त्री थी। गुरु वंश में विवाह कर उन्होंने सौ पुत्रों को जन्म दिया जिसमें सबसे बड़े पुत्र का नाम दुर्योधन था। गांधारी के जीवित होते हुए उसके सभी पुत्र युद्ध में मारे गए।

अश्वत्थामा

अश्वत्थामा एक वीर योद्धा था लेकिन अपने बुरे कर्मों के कारण भगवान कृष्ण का पात्र बना। इसी कारण कोई भी अपने पुत्र का नाम अश्वत्थामा नहीं रखना चाहता।

मंदोदरी

मंदोदरी नाम का अर्थ उस स्त्री से है जो बहुत दयालु और अच्छे गुणों की है। इसके बाद भी कोई अपनी पुत्री का नाम मंदोदरी क्यों नहीं रखता इसके पीछे का कारण यह है कि मंदोदरी रावण की पत्नी थी।

दोस्तों अब बात करते हैं नंबर चार की

विभीषण

इसका अर्थ है वह व्यक्ति जिसको कभी गुस्सा नहीं आता हो इस नाम का अर्थ इतना सुंदर है। फिर भी कोई अपने बच्चों का नाम विभीषण नहीं रखना चाहता। इसका कारण विभीषण के द्वारा भगवान राम को रावण की मृत्यु का रहस्य बताना है। तो दोस्तों यह वह 4 नाम है जो कभी भी अपने बच्चों के नहीं रखने चाहिए।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper