करवा चौथ 27 को तैयारियां जोरों पर

लखनऊ: पति की लम्बी आयु की कामना से महिलाएं 27 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। इस दिन चन्द्रोदय रात्रि 07:59 के बाद होगा। इसके बाद सुगाहिनें व्रत का पारण करेंगी। इसकी तैयारियों में महिलाएं जुट गयी हैं। महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय ने बताया कि कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को चन्द्रोदय व्यापिनी में यह करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस वर्ष शनिवार को रात्रि 7:59 बजे तक तृतीया तिथि है। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ होगी।

निर्णयसिन्धु के अनुसार तृतीया युक्त चतुर्थी तिथि शुद्धा कहलाती है व चतुर्थी युक्त पंचमी विद्धा कहलाती है, इसलिए शनिवार को ही गणोश संकष्टी (करवाचौथ )का व्रत किया जाएगा। इस वर्ष कृतिका पश्चात रोहिणी नक्षत्र का समयोग है। वरीयान योग मिल रहा है, जो अत्यन्त ही उत्तम योग है। यह स्त्रियों का मुख्य व्रत व त्यौहार है। सौभाग्वती स्त्रियां अपने पति की रक्षार्थ यह व्रत करती हैं। रात्रि के समय भगवान शिव,चन्द्रमा, कार्तिकेय आदि के चित्रों व सुहाग की वस्तुओं की पूजा करती है।

सबसे ऊपर चन्द्रमा, उसके नीचे शिव, उसके नीचे कार्तिकेय के चित्र दीवाल पर बनाकर उनका पूजन करना चाहिए। इस दिन निर्जला व्रत रहने का विधान है। सायंकाल चन्द्रमा को अघ्र्य देकर बिना नमक का भोजन करें। पीले मिट्टी की गौरी जी का चित्र बनाकर उनकी पूजन करना चाहिए, जो स्त्रियाँ इस व्रत को निष्ठा पूर्वक करती है वो आजीवन सौभाग्वती बनी रहती हैं।

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