कर्नाटक का मूड: महागठबंधन हुआ तो बीजेपी की समस्या बढ़ेगी

दिल्ली ब्यूरो: हालांकि कर्नाटक उपचुनाव परिणाम से आगामी लोक सभा चुनाव के संभावित परिणामो की कल्पना नहीं की जा सकती लेकिन इतना तो साफ़ हो ही जाता है कि गठबंधन के सामने बीजेपी की राह आसान नहीं है। अगर पुरे मन से विपक्ष एक जुट होकर बीजेपी के खिलाफ चुनाव मैदान में उअतरती है और मजबूत गठबंधन तैयार होता है तो आगामी लोक सभा चुनाव में बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती है। कर्नाटक के ये उपचुनाव परिणाम ठीक यूपी के उपचुनाव परिणाम की तरह ही है। यूपी में सपा और बसपा का गठजोड़ हुआ और बीजेपी का मजबूत गढ़ गोरखपुर और फूलपुर सीट हाथ से निकल गई। जैसा यूपी में हुआ ठीक वैसा ही कर्नाटक में देखने को मिला। दोनों जगह गठबंधन और दोनों जगह बीजेपी की हार। बीजेपी के लिए यह किसी सबक से कम नहीं।

नजरिए कर्नाटक में लोकसभा की तीन और विधानसभा की दो सीटों पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन को चार सीटों पर सफलता मिली है जबकि भाजपा को एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की झोली में बेल्लारी और मांड्या लोकसभा सीट के अलावा विधानसभा की जमखंडी और रामनगरम सीटें आई हैं। भाजपा ने मतदान से पहले ही विधानसभा सीटों अपनी हार मान ली थी क्योंकि उपचुनाव से दो दिन पहले ही उनके उम्मीदवार ने चुनावों से नामांकन पत्र वापस ले लिया था।

कांग्रेस के यू. एस. उगरप्पा ने भाजपा की मजबूत पकड़ वाली सीट बेल्लारी में भाजपा के जे. शांता को 214826 वोटों से हराकर गठबंधन के लिए बड़ी जीत दर्ज की। खनिज पदार्थों से परिपूर्ण इस क्षेत्र पर भाजपा की लगभग दो दशक की पकड़ का कांग्रेस ने अंत कर दिया। जद (एस) के एल. शिवराम ने मांड्या लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. सिद्दारामैया को 324925 वोटों से हराया। भाजपा ने अपने गढ़ शिमोगा में अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस येद्दियुरप्पा के पुत्र बी.वाई. राघवेंद्र ने 52,148 मतों के अंतर से यहां जीत दर्ज की है।

दो विधानसभा सीटों में कांग्रेस उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा ने जमखंडी में 39480 वोटों के अतंर से भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी को हराया।रामनगरम में अनीता कुमारस्वामी ने भाजपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर को 10937 वोटों के अंतर से हरा दिया। वहीं, सुबह जैसे ही नतीजों के रुझान आए कांग्रेस के कार्य़कर्त्ताओं ने पार्टी दफ्तर के बाहर जश्न मनाना शुरू कर दिया। राज्य के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने इस जीत के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनता की तरफ से हमें ‘दिवाली गिफ्ट’ है।

सिद्दारामैया ने बेल्लारी में कांग्रेस की जीत की सराहना करते हुए ट्वीट किया कि भाजपा शासनकाल को समाप्त करने के लिए अंधेरे से आगे बढ़कर मतदाता नरक चतुर्दशी/दीपावली त्योहार मना रहे हैं। भाजपा के लिए कांग्रेस और जेडीएस खतरे की घंटी साबित हुई है। वहीं, राज्य में जनता का मूड भी सामने आया है कि वहां भाजपा के लिए जगह नहीं है। अगर कांग्रेस और अन्य दलों का लोकसभा चुनाव 2019 में भी महागठबंधन हो गया तो भाजपा के लिए यह बहुत बड़ी राजनीतिक समस्या बन सकता है।

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