किसानों के कर्ज माफ़ करने के मुद्दे पर विस में भाजपा और कांग्रेस में नोकझोंक

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश विधान सभा में किसानों के मुद्दे पर आज कांग्रेस और भाजपा में तीखी नोकझोंक हुई।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने किसानों के फसली ऋण माफ करने और इसकी समय सीमा निर्धारित करने के सम्बन्ध में जानकारी चाही थी।

प्रश्न प्रहर में उनके इस सवाल का जवाब देने खड़े हुये कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कांग्रेस को ही कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। शाही ने कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 46 साल तक अनवरत शासन किया। सहकारी समितियों से ऋण बंटवाकर वसूली में किसानों को प्रताड़ित करवाया था।

इस पर अजय कुमार भड़क गये और कहा कि मनमोहन सरकार ने एक करोड़ सत्तर लाख किसानों का कर्ज माफ किया था। अभी हाल ही में मध्य प्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनते ही किसानों के कर्ज माफ कर दिए गए। भाजपा केवल दिखावा करती है। इस पर नोकझोंक बढ़ता देख अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने हस्तक्षेप कर दोनों को शान्त कराया।

इससे पहले भाजपा की विमला सोलंकी के सवाल पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि निवेश में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। निवेशकों को आवश्यक जानकारी पोर्टल के जरिये उपलब्ध करायी जा रही है। भाजपा के हर्षवर्धन के सवाल पर दिव्यांग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकारी भवनों में दिव्यांगों के प्रवेश के लिये बाधारहित व्यवस्था की जा रही है।

सपा के संजय गर्ग ने खेलो इंडिया में बजटीय व्यवस्था जाननी चाही। उनका कहना था कि खेल विभाग ने अभी तक मात्र 52 फीसदी बजट खर्च किया है तो कैसे भरोसा किया जाये कि सरकार खेलों को लेकर गंभीर है। इसके जवाब में खेल मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि तहसील स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाए जायेंगे। पहले चरण में 22 मिनी स्टेडियम बनाये जा रहे हैं। तहसील स्तर पर मिनी स्टेडियम बन जाने के बाद इसे ब्लॉक स्तर पर ले जाया जायेगा।

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