किसानों के लिए बे-सिर पैर की घोषणाएं कर रही भाजपा: अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव सिर पर आने से भाजपा किसानों के लिए बे सिर पैर की घोषणाएं करने लगी है। बिना खरीद केन्द्र खोले मक्का के समर्थन मूल्य की घोषणा करना किसानों के साथ धोखा है। मक्का किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के 1700 रुपये कहां और कैसे मिलेंगे इसकी व्यवस्था नदारद है।श्री यादव ने कहा कि मक्का से विदेशी कम्पनियां कार्नफ्लेक्स, सूप, कार्न इत्यादि का सहउत्पाद कर भारी मुनाफा कमा रही है।

देशी बाजार में किसान को जितना प्रोत्साहन मिलना चाहिए था नहीं मिल रहा है। स्वदेशी आंदोलन की नौटंकी करने वालों को मक्का किसानों के हित की चिंता नहीं है। विदेशी कम्पनियों को मक्का किसानों के शोषण का अधिकार देना पसंद है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से किसानों को आज तक सिर्फ धोखा ही मिला है। गेंहू व गन्ना किसान तो बुरी तरह कर्जदार हो गये हैं। हाल में ज्वार, बाजरा, उरद और मक्का का जो समर्थन मूल्य घोषित हुआ उससे बहुत कम कीमत पर किसान को अपना उत्पाद बेचना मजबूरी है।

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इनका भी कोई खरीद केन्द्र नहीं खोला गया है। ऐसे में किसान बिचैलियों और आढ़तियों के शोषण के शिकार हो रहे हैं।नीति आयोग का भी मानना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य तो बढ़ा है लेकिन उत्तर प्रदेश में धान खरीद के 30 फीसद मामलों में किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा है। सामान्य धान का सरकारी समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रतिकुन्तल घोषित है जबकि किसान को 1200 रुपये ही मिल रहे है। जनपदों में क्रय केंद्रों पर अब तक तौल नहीं शुरू हुई। भाजपा ने जो लागत का डेढ़ गुना देने का वादा किया था उसका भी दूर-दूर तक पता नहीं है।

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