कृषि कुम्भ पर बोली सपा, चुनाव में जनाधार खिसकता देख बीजेपी अपना रही है नए-नए हथकंडे

लखनऊः राजधानी लखनऊ में आयोजित कृषि कुंभ को योगी सरकार की नौटंकी करार देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनाधार खिसकता देख बीजेपी नए नए हथकंडे अपना रही है।

पार्टी सचिव राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी ने अपना माया जाल फैलाना शुरू कर दिया है। कृषि मंत्री कृषि कुंभ की नौटंकी के साथ झूठ को सच बनाने की कला भी आजमाने लगे हैं, लेकिन वे भूल रहे हैं कि लोग अब सच्चाई समझने लगे हैं। बीजेपी ने अपने वादों से मुकरकर अपनी साख स्वयं गिरा दी है। प्रदेश के मतदाता अखिलेश यादव के कामों से भी परिचित है और यह भी देख रहे हैं कि बीजेपी सरकार ने, वह चाहे केन्द्र की हो या राज्य की, अपना समय सिर्फ भाषणों, सम्मेलनों और प्रचार के लिए विज्ञापन, होर्डिंग में ही गंवाया है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि मंत्री को अच्छी तरह मालूम है कि बीजेपी को अखिलेश यादव ही कड़ी चुनौती देते हैं। पिछले लोकसभा के उपचुनावों में मिले दर्द को अभी तक वे भूले नहीं होंगे। इसलिए कथित‘कृषि कुंभ’में किसानों की हमदर्दी पाने को वे झूठे आंकड़ों पर उतर आए। भोले-भाले किसान को तो न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह धोखा ही मिला है।

चौधरी ने कहा कि जब बीजेपी को वोट लेना था तो 14 दिनों के भीतर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान का वादा हुआ था, प्रति क्विंटल 275 रूपए मुनाफा देने की बात थी, विधानसभा चुनाव जीतते ही प्रधानमंत्री इसे भुला बैठे। तथ्य यह है कि 50 हजार से ज्यादा किसानों ने उनके अब तक के कार्यकाल में आत्महत्या की। बिजली, तेल, ईंधन, कीटनाशक दवाइयां और खाद की कीमतों पर जीएसटी की ऐसी मार पड़ी कि किसान उससे त्रस्त हैं। सैकड़ों किसानों को फसल बर्बादी के बाद भी कुछ नहीं मिला।

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