केजीएमयू पर फिर लगा बदनुमा दाग, गंभीर मरीज को नहीं मिला इलाज

लखनऊ: किंग जार्ज चिकित्सा विविद्यालय के ट्रॉमा सेन्टर में गंभीर मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो गया है। मरीजों भटकने पर मजबूर हैं। मंगलवार को एक गंभीर मरीज को कैजुएल्टी से ओपीडी से बिना उपचार भेज दिया। अमेठी निवासी रामदुलारी (55) पिछले शुक्रवार को अचानक छत से गिर गई। आनन फानन में परिवारजन ने उन्हें इलाज के लिए जगदीशपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से केजीएमयू ट्रॉमा के लिए रेफर कर दिया गया।

मरीज रामदुलारी के बेटे गयादीन ने आरोप लगाया कि मंगलवार को यहां सुबह जब आया तो मां दर्द से कराह रही थी लेकिन कैजुएल्टी के डॉक्टरों ने बिना किसी इलाज के बेड न होने की बात कहकर न्यूरोसर्जरी ओपीडी भेज दिया। ओपीडी में भी काफी इंतजार कराया गया। मेरा नंबर आते ही किसी और को अन्दर बुला लिया गया। जिससे मां की हालत और गंभीर होती गई।

वहीं डॉक्टर ने एक माह की दवा देकर चलता कर दिया। मां की हालत गंभीर होने के बाद भी भर्ती करने से मना कर दिया। मरीज के बेटे ने बताया कि मंगलवार को ही हम लोग मां को लेकर घर चले आए। केजीएमयू के मीडिया कोर्डिनेटर डा. पवित्र रस्तोगी ने बताया कि मरीज की स्थिति देखकर ही डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया होगा। यहां न्यूरो में बेड नहीं होने पर मरीजों को बलरामपुर अस्पताल भेजा जाता है, जबकि मरीज के बेटे का कहना था कि मां की हालत बहुत गंभीर थी।

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