कोरोना का कहर : हाई रिस्क ग्रुप में शामिल हुआ तब्लीगी जमात, पर जहालत छोड़ने को तैयार नहीं

लखनऊ : तब्लीगी जमात का मामला सामने आने के बाद से कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके चलते शासन ने कोविड-19 की हाईरिस्क पैरामीटर में तब्लीगी जमात में शामिल लोगों को कर दिया है। इन पर अब 14 दिन नहीं बल्कि 28 दिन तक निगरानी रखी जाएगी।

गौरतलब है कि लखनऊ समेत देशभर में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। अभी तक अस्पतालों में 14 दिन तक संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जाता था। वहीं, कोरोना की पुष्टि न होने पर उसे डिस्चार्ज कर घर में क्वारंटाइन होने की सलाह दे दी जाती है। लखनऊ समेत कई जगह संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए परिवारजनों में 14 दिन के अंदर का टेस्ट निगेटिव आया। वहीं, 18-20 दिन बाद संपर्क में आए व्यक्तियों की तबीयत बिगड़ गई। इनकी जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है। राजधानी के गोमती नगर निवासी पहली मरीज के परिवार के दो सदस्यों में 19वें दिन कोरोना की पुष्टि हुई है। लिहाजा, स्वास्थ्य सचिव वी हेकली ने हाईरिस्क में शामिल लोगों की 28 दिन तक कड़ी निगरानी और जांच करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरी ओर, यूपी में पकड़े गए तब्लीगी जमात के लोग कोरोना वायरस से उपजे संकट की गंभीरता को समझने के लिए तैयार नहीं हैं। यह जानते हुए भी कि इस वायरस से मौत हो सकती है, वे न सिर्फ उपद्रव कर रहे हैं, बल्कि उन्हें ही बचाने की कोशिशों में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों से अभद्रता भी कर रहे हैं। गाजियाबाद में तो उन्होंने बीफ खाने की मांग तक कर डाली।

कन्नौज में अर्शी पैरामेडिकल कॉलेज के क्वारंटाइन सेंटर में 39 जमातियों ने खिड़की के शीशे तोड़कर भागने की कोशिश की। सिर्फ यही नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा में रखे गए शामली के 11 जमातियों ने खाने को लेकर हंगामा किया। लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भी ऐसे लोगों ने उत्पात किया और डाक्टरों से अभद्रता की।

फिरोजाबाद में जमातियों ने खुलकर निर्देशों की अवहेलना की। यहां मेडिकल कालेज में रखे गए 27 जमाती शनिवार शाम वार्ड से बाहर आ गए और एकजुट होकर नमाज पढ़ी। साथ ही कॉलेज परिसर में जगह-जगह थूकते रहे। पुलिस ने इन्हें यूनिटी हॉस्पिटल भेजा है और रविवार दोपहर इन सभी के खिलाफ महामारी अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले शिकोहाबाद के संयुक्त चिकित्सालय में बिहार के सात जमातियों के दीवारों पर थूकने की बातें प्रकाश में आई थीं। यहां चार जमातियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

आगरा के मधु रिसोर्ट में क्वारंटाइन किए गए जमातियों के संपर्क वाले 55 लोगों के सामूहिक नमाज का मामला सामने आया है। ये रसोर्ट मे शीशे के गेट से चिपक कर एक साथ खड़े रहते हैं और अधिकारियो से बिरयानी की मांग करते हैैं। वाराणसी में भी मेडिकल कालेज में जमातियों ने बिरयानी मांगी और गंदगी मचाई। मऊ में इनकी हरकतों से प्रशासन परेशान है।

बदायूं में महाराष्ट्र निवासी छह तब्लीगी कोरोना संदिग्ध हैं। खुद को रोजा बताते हुए उन्होंने तड़के ही नाश्ता मांगा। शाहजहांपुर में 22 जमातियों को रखा गया है जो अस्पताल के मेन्यू के अनुसार खाने को तैयार नहीं। मुरादाबाद में पकड़े गए 25 जमातियों की मांग हैदराबादी डिश की है। उधर बिजनौर जिला अस्पताल में भर्ती इंडोनेशिया के छह जमातियों ने स्वास्थ्यकर्मियों से धक्का मुक्की का प्रयास किया। प्रयागराज में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता हुई। प्रतापगढ़ के रानीगंज में तीन कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सर्वे करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता कर रहे इनके समर्थकों पर पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।

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