कोर्ट नहीं अध्यादेश से बनेगा राम मंदिर: संजय राउत

लखनऊ ब्यूरो। शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या में राम मंदिर का पक्षधर बताते हुये कहा है कि इसका निर्माण नहीं कर पाने की मजबूरियों को उन्हें बताना चाहिये।

शिवसेना के प्रवक्ता और पार्टी संसदीय दल के नेता संजय राउत ने सोमवार को राजधानी के राजभवन के सामने एक प्रतिष्ठित रेस्ट्रा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि श्री मोदी और श्री योगी अयोध्या में राम मंदिर बनाना चाहते हैं।

​ इसमें शिवसेना उनके साथ है,फिर भी इसके निर्माण में देरी हो रही है। देरी की वजह और मजबूरियों को उन्हें बताना चाहिये।उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के सामने यदि कोई मजबूरी है तो उन्हें साथी दलों से बात करनी चाहिये।

राउत ने कहा कि राम के नाम पर सरकार बनाने के लिये भाजपा को बहुमत मिला है, तो फिर इसके निर्माण में देरी क्यों? बहुमत के बाद भी मंदिर नहीं बनना दु:खद है।उन्होंने कहा कि शिवसेना चाहती है कि 2019 में राम मंदिर चुनाव में प्रचार का मुद्दा न बने,इसलिये इसका निर्माण इससे पहले शुरू हो जाना चाहिये। सरकार को न्यायालय के फैसले का इंतजार किये बगैर अध्यादेश लाकर मंदिर का निर्माण करवाना चाहिये। न्यायालय किसी एक के पक्ष में फैसला सुनायेगा जो दूसरे पक्ष को शायद ही स्वीकार हो।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मसला राष्ट्रीय अस्मिता और श्रद्धा से जुड़ा है,यह कोई जुमला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विवादित ढांचा शिवसैनिकों ने गिराया था।मंदिर बनाने में भी शिवसैनिकों की बड़ी भूमिका होगी। बालासाहेब ठा​करे ने बाबरी ढांचा गिराने में योगदान दिया था।

राउत ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की 24 नवम्बर से प्रस्तावित दो दिवसीय यात्रा का यह मतलब नहीं लगाना चाहिये कि पार्टी इसका श्रेय लेना चाहती है।शिवसेना तो सिर्फ मंदिर निर्माण चाहती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में कोई दहशत नहीं है। उन्होंने स्वयं विवादित बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी से मुलाकात की थी।

उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे अयोध्या के हवाई पट्टी पर 24 नवम्बर को डेढ़ बजे पहुंचेंगे।तीन बजे लक्ष्मणकिला मंदिर में धार्मिक समारोह में हिस्सा लेंगे।समारोह में श्रीराम जन्म भूमि न्यास ​के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास समेत अयोध्या के कई अन्य साधु संत मौजूद रहेंगे।
शाम को वह सरयू आरती में भाग लेंगे।दूसरे दिन 25 नवम्बर को वह पूर्वान्ह साढ़े नौ बजे रामलला का दर्शन करेंगे। इसके बाद वह पत्रकारों से लक्ष्मण किला में बात करेंगे।

प्रेस कान्फ्रेंस के बाद वह गुलाबबाड़ी मैदान में स्थानीय लोंगों से जनसंवाद करेंगे। राम मंदिर निर्माण का प्रबल पक्षधर होने का दावा करने के बावजूद श्री ठाकरे के परिवार के किसी सदस्य का शायद अयोध्या का यह पहला दौरा होगा।

शिवसेना राम मंदिर को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। इसीलिए 25 नवम्बर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का अयोध्या दौरा प्रस्तावित है।

 

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