क्या अमेरिका का नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोल्टन भारत विरोधी है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने जैसे ही अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में जॉन बोल्टन की नियुक्ति की, पूरी दुनिया चौक सी गयी। सनसनी फ़ैल गई और दुनिया में डर भी समा गया। भारत भी बोल्टन की नियुक्ति से परेशान हो सकता है क्यों यह बोल्टन ही हैं जिन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान चीन के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता पाने की भारत की कोशिशों पर पानी फेर दिया था। कहा जाता है कि बोल्टन भारत विरोधी रहे हैं और भारत की कई नीतियां वे पसंद नहीं करते। भारत को ख़ास तौर पर बोल्टन की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।

बोल्टन के इतिहास को देखें तो पता चलता है कि वे जॉन बोल्टन को एक युद्ध की तरफदारी करने वाले शख्स के रूप में जाना जाता है। वे हमेशा युद्ध चाहते हैं और अमेरिकी पावर का दुनिया में दबदबा बनाये रखना चाहते हैं। बोल्टन कई मामले में कट्टर भी माने जाते हैं और ईरान को देखना तक पसंद नहीं करते। उनकी चले तो आज ही उत्तरी कोरिया पर हमला कर दें। बोल्टन चाहते हैं कि उत्तरी कोरिया पर हमला करके की उसके गरूर को तोड़ा जा सकता है। उनकी नियुक्ति पर स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल ने ट्वीट कर यह प्रतिक्रिया दी है ‘बोल्टन? क्या सच में? बंकर कहां है?’

बोल्टन की जरूरत ट्रम्प को क्यों पड़ी अभी इसके बारे में कोई ठोस बातें सामने नहीं आयी है। अपने 14 महीनों के कार्यकाल में ट्रंप अब तक तीन एनएसए की नियुक्ति कर चुके हैं। ट्रम्प का खेल भी कोई समझ नहीं पा रहा है। कुछ दक्षिणपंथी अतिवादी मीडिया समूहों को छोड़ दें तो बोल्टन को एनएसए बनाए जाने को लेकर दुनियाभर के अखबारों की समाचार सुर्खियां भय और निराशा से भरी हुई दिखीं जा रही है। उनकी नियुक्ति पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है, ‘हां, जॉन बोल्टन सच में खतरनाक हैं।’ अखबार ने कहा है कि बोल्टन देश को युद्ध में झोंक देंगे।

उसके मुताबिक ट्रंप की यह पसंद उनके पिछले फैसलों की तरह डराने वाली है। वहीं, वॉशिंगटन पोस्ट में भी नए एनएसए के लिए ट्रंप की पंसद को लेकर आलोचनाओं से भरी कई टिप्पणियां देखने को मिलीं रही हैं। एक हेडिंग कुछ इस तरह से लगाई गयी है ‘वाइट हाउस में एक और कट्टरपंथी आया।’

बता दें कि बोल्टन को सैन्य ताकत की हिमायत करने वाला व्यक्ति बताया जाता है। वे अपने कट्टरपंथी विचारों के लिए जाने जाते हैं। वे ईरान का जमकर विरोध करते हैं और उत्तर कोरिया पर हमला करने के पक्षधर हैं। यहां तक कि भारत को लेकर भी उनके विचार ठीक नहीं हैं। वे भारत को लेकर आशंकित रहते हैं। भारत को वे कभी विश्वासी नहीं मानते।

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