क्या आप जानतें हो समुन्द्र का पानी खारा क्यों होता है ?

समुन्द्र का पानी खारा क्यों होता है आइये जानते विज्ञानं के नज़रिए से, क्या कहता है विज्ञानं, वैज्ञानिको का कहना है कि जब समुन्द्र का पानी गर्म होता है और गर्म होकर ये हवा में ऊपर उठता है तो ये बदलो का रूप ग्रहण कर लेता है और जब ये बादल बारिश के रूप में ज़मीन पर बरसतें है तो इनका सामना हवा में उपस्थित गेसो से होता है जैसे कार्बन डाइआक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन आदि गैसे हो सकती है |

जब पानी इन गेसो के साथ मिलता है तो पानी अम्लीय हो जाता है और फिर ये पानी पहाड़ो और जमीन पर गिरता है और नदियों के रास्ते समुन्द्र में चला जाता है और इस तरह से समुन्द्र का पानी लवणीय और अम्लीय होता जा रहा है ये पानी एक या दो बार में नहीं बल्कि लाखो बार ये प्रकिर्या हुई है तब जाकर समुन्द्र का पानी खारा हुआ है क्यूंकि एक दो बार में समुन्द्र का पानी खारा नहीं हो सकता इसका उदहारण ये जब बारिश होती है तो उसका ये पानी इतना खारा नहीं होता जितना हमें समुन्द्र में देखने को मिलता है |

समुन्द्र में खारा पानी बढ़ता ही जा रहा है इसका कारण वैज्ञानिको ने बताया कि कारखानों और फेक्टरियों द्वारा छोड़ा गया धुआं और गैसों का मान वातावरण में बढ़ता जा रहा है जिसके कारण समुन्द्र का पानी और अधिक खारा होता जा रहा है लेकिन समुन्द्र में उपस्थित कुछ जीव इस खारेपन का इस्तेमाल अपना खून बढ़ाने के लिए करते हैं और इस तरह से समुन्द्र के खारेपन का संतुलन बना रहता है |

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