खतरनाक बीमारियों के लिए रामबाण है महुआ के फूल और छाल, बस सही तरीका पता होना चाहिए

गर्मियों के दिनों में खूबसूरत और सफेद, हल्के पीले फूलों से लदा हुआ महुआ का पेड़ तो आपने भी देखा होगा. इस पेड़ में फूलों के साथ आने वाले बीजों से गांव में आज भी कई तरह के पकवान बनाये जाते हैं जिसे लोग बड़े ही चाव से खाते हैं, शायद इस चमत्कारी बीज को खाने के बाद लोग बीमार भी नहीं पड़ते हैं. जी हां…महुआ का बीच जितने ही खाने में स्वादिष्ठ होते हैं उतने ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है, शायद आपको नहीं पता होगा कई भयांकर बीमारियों में महुआ के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है.

महुआ का फूल कफनाशक होता है. इसे किसी भी रूप में खाया जाए तो ये जुकाम और कफ से बचाता है। इतना ही नहीं जिन्हें ब्रोंकाइटिस या लंग्स में कफ जमने की दिक्कत हो वह महुआ की छाल का काढ़ा जरूर पीएं. साथ ही महुए को किसी न किसी रूप में आहार में शामिल करें. पेट के कीड़ों को निकालने के लिए महुए की छाल का काढ़ा बनकर सेवन करें. इसके अलावा महुए की रोटी बनाकर पेट संबंधित समस्या दूर रहती हैं. दस्त जैसी समस्या में छाल का रस बनाकर पीएं.

डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी में महुए की छाल का सेवन करें, ध्यान रहे महुए के फूल ना खाएं क्योंकि इसमें शुगि मौजूद होता है. गठिया के रोगियों को महुए की छाल को उबाल कर सेवन करने से फायदा मिलता है. साथ ही महूआ के फूल, जड़ और छाल के साथ बीजों को पीस कर सरसों के तेल में पका लें और इसकी मालिश जोड़ों पर करें। इससे बहुत आराम मिलेगा।

महुआ के फूल पाइल्स की बीमारी में बहुत काम आते हैं. इसमें क्योंकि बहुत रफेज होता है इसलिए इसे खाने से कब्ज जैसी बीमारी भी दूर रहती है। पाइल्स में आप इसके फूलों को घी में भुन लें और खाते रहें.

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