गरीबी आने पर इन तीन बातों को अवश्य याद रखना चाहिए

वर्तमान के समय में व्यक्ति चाहे अमीर हो या ग़रीब लेकिन उसके चेहरे पर एक अजीब सा डर छाया रहता है हम नहीं जानते कि आपकी परिस्थिति कैसी है? परंतु इस लेख को पढ़ने के बाद आपके विचारों में अदभुत परिवर्तन होने वाला है जो आपको जीवन भर काम आने वाला है। जब इंसान का समय ख़राब चल रहा होता है तब उसके अपने भी उसका साथ नहीं देते क्योंकि दुनिया में चंद लोगों ही ऐसे होंगे जो आपका भला सोचते है।

वैसे देखा जाए तो दुनिया का सबसे बड़ा दुःख ग़रीबी नहीं बल्कि बहुत से ऐसे दुःख भी मौजूद है जो धनवान होने के बावज़ूद इंसान को खोखला करते जा रहे है मित्रों, इस बात को करीब से प्रकट करते हुए चाणक्य ने कुछ गुप्त नीतियों को प्रकट किया है जो इस प्रकार है।

  1. चाणक्य के मतानुसार ग़रीबी का मुख्य कारण स्वयं इंसान खुद ही है इस बात को साक्षात भगवान बुद्ध भी प्रकट करते हुए कहते है कि मनुष्य अपने विचारों से निर्मित प्राणी है वह जैसा सोचता है वैसा बन जाता है इसका साफ़-साफ़ अर्थ यह निकलता है कि यदि इंसान अपनी मेहनत एवं बुद्धि का योग्य तरीक़े से इस्तेमाल करें, तो ग़रीबी उसे छू तक नहीं सकती।
  2. मनुष्य के दुःख का कारण वह स्वयं ही है इसलिए अन्य पर आरोप लगाने के बजाय धैर्य रखते हुए मुसीबत को दूर करने का प्रयत्न करना चाहिए, जिस दिन आप यह तरीका सिख जायेंगे उस दिन से आपको किसी अन्य के आगे हाथ फैलाना नहीं पड़ेगा।
  3. धन आने पर मनुष्य पुराने दिनो को भूल जाता है लेकिन समझदार व्यक्ति हमेशा इस बात को ध्यान में रखते हुए बुरे समय के लिए धन का संचय करके रखता है। जब आपका समय ख़राब होगा उस दौरान कोई आपके काम नहीं आएगा लेकिन आपकी बुद्धि आपके काम ज़रूर आएगी इसलिए धन आने के बाद भी अहंकार में मत डुबो क्योंकि अहंकार बुद्धि का हनन कर देता है।

जो समझदार व्यक्ति इन तीन बातों का पालन करता है वह धन से संबंधित मुसीबतों से तुरंत बहार निकल सकता है यदि आपको ऐसी।

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