गाजियाबाद में 75 हजार क्षमता वाला यह स्टेडियम सबसे बड़ा होगा: योगी आदित्यनाथ 

लखनऊ ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम’ का उद्घाटन किया। उन्होंने द्वीप प्रज्वलित कर समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा, खेल मंत्री चेतन चौहान सहित कई मंत्रीगण, यूपीसीए अध्यक्ष राजीव शुक्ला, पूर्व क्रिकेटर आरपी सिंह और प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे। इस स्टेडियम में आज शाम सात बजे से भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 अन्तरराष्ट्रीय मैच खेला जाना है।

कार्यक्रम समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्रिकेट स्टेडियम शहीद पथ के पास बना है। शहीद पथ अटल जी के कारण बना था। अगर यह शहीद पथ नहीं बनता तो राजधानी के अन्दर सामान्य यातायात की क्या स्थिति होती,लेकिन अपनी दूरदर्शी सोच और राजधानीवासियों के हित के लिए अटल जी ने अवस्थापना विकास को आगे बढ़ाया और आज उसी का परिणाम है, जा इलाका कभी निर्जन क्षेत्र माना जाता था, आज वह चहल-पहल वाला स्थान बनकर राजधानी के विकास में योगदान दे रहा है। इसलिए हमने इसका नामकरण अटल जी के नाम पर करने का फैसला किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी 23 करोड़ है। इस आबादी के लिए प्रदेश के अन्दर जिस तरह से साधन होने चाहिए थे, संसाधनों के अभाव में सरकारें उसे समय पर पूरा नहीं कर पायीं। लेकिन अच्छा कार्य करने के लिए इच्छाशक्ति होती है और प्रदेश सरकार इसी के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड पर इस तरह के स्टेडियम बन सकते हैं। गाजियाबाद में ऐसी ही पहल की जा रही है। 75 हजार क्षमता वाला यह स्टेडियम सबसे बड़ा होगा।

योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सिफारिश पर टिकट नहीं देने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने ही इनकार किया था। इससे अव्यवस्था हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास स्वयं एक डेढ़ कुंतल वजन वाले व्यक्ति पास मांगने आये थे। मैने उनसे कहा कि अगर वह रोज दस किलोमीटर चलकर मेरे पास सुबह की सैर करते हुए आएं तो पास की व्यवस्था होगी। वह दो दिन ही आ सके। मैने उन्हें स्वस्थ रहने की सलाह दी और पास देने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम स्टेडियम के आसपास ऐसे स्थल निर्मित करने जा रहे हैं, जो आने वाले दिनों में लखनऊ और प्रदेश के लिए उदाहरण बनेंगे।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐसे स्टेडियम का सपना लखनऊवासियों का था। ये लखनऊ के खेल के इतिहास की बड़ी घटना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी ने लखनऊ में खेल के विकास के लिए कई काम किए और अब मुख्यमंत्री ने इसी कड़ी में नए स्टेडियम को शहरवासियों को सौंपा है। लखनऊ स्पोर्टस स्टेडियम से आरपी सिंह, सुरैश रैना सहित कई अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले। अब नये स्टेडियम के शुरू होने से इसमें और मदद मिलेगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस मौके पर सभी लोगों को द्वीप पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि है। इस स्टेडियम का अटल जी के नाम से नामकरण करना अभिनन्दन योग्य है।

खेल मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि 1994 में आखिरी क्रिकेट मैच हुआ था। तभी से अच्छे स्टेडियम की मांग हो रही थी। आज छोटी दीपावली पर मुख्यमंत्री ने इसे जनता को सौंपा है, यह बधाई का अवसर है। उन्होंने कहा कि यह मार्डन स्टेडियम है। क्रिकेट के लिए जिन मार्डन सुविधओं की जरूरत होती है, वह सभी यहां हैं। खेलों के विकास के लिए प्रदेश सरकार काम कर रही है। सरकार खिलाड़ियों का सम्मान कर रही है।

लखनऊ में आखिरी अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट टेस्ट मैच जनवरी 1994 में भारत और श्रीलंका के बीच केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेला गया था। इसके बाद अन्तरराष्ट्रीय और आईपीएल मैच कानपुर के ग्रीन पार्क में आयोजित किए जाने लगे। अब एक बार फिर लखनऊ को अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेच मैच की मेजबानी का मौका मिला है। इसको लेकर राजधानीवासियों में बेहद उत्साह है।

स्टेडियम की क्षमता 50 हजार दर्शकों की है और यहां मैदान के हर कोने से दर्शक मैच का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं। इस स्टेडियम में नौ पिच हैं, शानदार ड्रेसिंग रूम है और दूधिया रोशनी का शानदार इंतजाम है। इकाना स्पोर्ट्स सिटी के प्रबंध निदेशक उदय सिन्हा के मुताबिक क्रिकेट प्रेमियों में मैच को लेकर दीवानगी का आलम रहा कि ऑनलाइन टिकट कुछ घंटों में ही खत्म हो गए जबकि ऑफ लाइन टिकटों के लिए दो दिन तक लंबी कतारें लगी रहीं। मैच का सबसे कम टिकट 1000 रूपये और बॉक्स का टिकट लगभग 23 हजार रूपये का था।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक स्टेडियम में खाने का सामान व पानी लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। शहर के हर इलाके से स्टेडियम तक पहुंचाने के लिए सिटी बस सेवा व रोडवेज की 50 शटल बसों को लगाया गया है। अलग-अलग प्रवेश द्वार पर 65 ट्रांस स्टाइल मशीनें यानी बार कोड स्कैन करने वाली मशीन लगाई गई हैं। दर्शक को इन्हीं पॉइंट पर टिकट व पास दिखाना होगा।

स्टेडियम के बाहर व अंदर की निगरानी हाईपावर सीसीटीवी कैमरे से होगी। मैच के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए स्टेडियम के बाहर व अंदर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस हर वक्त तैयार रखने का निर्देश दिये गए हैं। साथ ही लोहिया अस्पताल व लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को एलर्ट पर रखा गया है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने गोमती नगर विस्तार स्थित इकाना अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण ‘‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम’’ किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण, इकाना स्पोर्ट्ससिटी प्रा.लि. एवं जी.सी. कन्स्ट्रक्शन एवं डेवलपमेन्ट इण्टस्ट्रीज प्रा.लि. के बीच हुये एग्रीमेंट में दी गयी व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
loading...
E-Paper