घाटी में इंटरनेट बंद के बावजूद अलगाववादी नेता गिलानी ने किए ट्वीट, दो बीएसएनएल कर्मी सस्पेंड

नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 हटाए जाने एवं जम्मू-कश्मीर में मोबाइल कॉल, इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के दौरान अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी द्वारा ट्वीट किए जाने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। जांच के दौरान पता चला कि गिलानी को स्पेशल इंटरनेट एक्सेस दे दिया गया जिसके कारण वह उस समय भी ट्वीट कर सके जिस समय घाटी में इंटनेट एवं कॉल सेवाएं बंद थीं। इस मामले में बीएसएनएल के दो कर्मचारियों की मिलीभगत का पता चला है जिन्होंने गिलानी को एक्सेस दिया।

सूत्रों के मुताबिक दोनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। अधिकारियों के लूप होल्स के बारे में पता चलने के बाद से गिलानी की सर्विस बंद कर दी गई थी। गौरतलब है कि गिलानी अपने अकाउंट से लगातार भारत विरोधी पोस्ट करते रहे हैं। कई यूजर्स तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से गिलानी को पाकिस्तान भेजने तक की मांग कर चुके हैं।

4 अगस्त के बाद से इस अकाउंट से कई ट्वीट किए गए। रविवार रात को भी गिलानी के इस कथित अकाउंट से आपत्तिजनक ट्वीट किया गया। अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के ऐक्शन के बाद शनिवार को 96 में से 17 टेलिफोन एक्सचेंज चालू करते हुए कश्मीर में लैंडलाइन फोन सेवा शुरू हुई थी। इस बीच सोमवार को श्रीनगर के 190 से ज्‍यादा प्राइमरी स्कूल करीब 14 दिनों बाद फिर से खोल दिए गए हैं। बीते कई दिनों से पढ़ाई का काम बाधित होने के बाद तमाम छात्र स्कूलों की क्लासेज में जाते नजर आए हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper