घायल बच्चे को सीने से लगाकार अस्पताल पहुंची बंदरिया, देखने वालों की आखें हो गईं नम

नई दिल्ली। इंसान हो या जानवर मां की ममता हर किसी के दिल में होती है जो अपने बच्चे के लिये हर कुछ करने के लिेए तैयार हो जाती है। अभी हाल ही में एक ऐसा नजारा सामने आया जिसे देख हर किसी के दिल को झंकझोर कर रख दिया। जब एक बदंर का बच्चा 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर घायल होकर नीचे ग‍िरा । बच्चे के गिरते ही मां नें उसे उठाकर सीने से लगा लिया और बचाने के लिए इधर-उधर भटकती रही। जहां पास ही में पशु अस्पताल था।

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बंदर‍िया अस्पताल के गेट पर हर किसी की ओर देखकर निहारती रही, कि शायद कोई उसकी मदद के लिये आ जाए। लेक‍िन उसे कहीं से मदद नहीं म‍िली। इस दिल दहला देने वाले नजारे को कई लोगों ने देखा लेक‍िन मदद के लिये कोई आगे नही आया। आख‍िकार में तड़फते हुए बच्चे ने मां की गोद में ही अपने प्राण त्याग दिए। इंसान‍ियत को शर्मशाार करने वाला यह मामला मध्य प्रदेश के सीहोर ज‍िले का है।

सीहोर नगर में हुआ यह मामला जहां मानवता को शर्मसार करने वाला था वहीं जानवरों द्वारा इंसानों के लिए एक सीख भी थी। 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में जैसे ही एक मासूम बंदर का बच्चा चपेट में आया, वैसे ही उसके साथी बंदरों ने हड़कंप मचाना शुरू कर दिया । जोरदार धमाके के साथ बंदर का बच्चा ऊंचाई से सीधा नाली में गिरा।

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घायल बच्चे को देख साथियों के साथ उसकी मां भी तुंरत बच्चे के पास पंहुची और उसे घसीटकर छांव में ले गई ,जहां पास ही में पशु चिकित्सालय का परिसर भी था। इस मार्मिक दृश्य को देखने के बाद भी किसी इंसान का दिल नही पसीजा। जबकि बंदर के साथ खड़े उसके साथी भी इंसानों को देखकर मदद की भीख मांग रहे थे लेकिन किसी को भी इस मार्मिक कृत्य पर शर्म महसूस नहीं हुई। न ही किसी ने बंदरों की भावनाओं को समझा जिससे घायल हुए बंदर के बच्चे की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

बताया जाता है कि जब पशु चिकित्सालय के डॉक्टर से इस मार्मिक दृश्य और घटना के बारे में पूछा गया तो न्होंने बताया कि इस तरह का यह पहला मामला है जब बंदर किसी को हॉस्प‍िटल में लाया हो। जब हम वहां गए तो बंदरिया आक्रमक थी जिसने बच्चे को हाथ नहीं लगाने दिया। बंदरिया गुस्से में थी जिसकी वजह से हमारे लिए बंदर का इलाज करना मुश्किल हो रहा था। बाद में जब घायल बंदर को चेक किया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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