जम्मू कश्मीर में आतंकियों को जमींदोज करेगा ऑपरेशन ऑलआउट

दिल्ली ब्यूरो: जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से ऑपरेशन ऑलआउट चलाने की तैयारी सेना कर रही है। जिस तरह से सूबे में फिर से आतंकी अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं ,सेना को लग रहा है कि फिर से ऑपरेशन चला कर आतंकी गतिविधियों को जमींदोज कर दिया जाय। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रमजान के दौरान आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के जिस ऑपरेशन पर रोक लगायी गयी थी वह ईद के बाद फिर से शुरू किया जाएगा। इधर, सीजफायर के एक्सटेंशन को लेकर शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और जम्मू-कश्‍मीर के हालात के संबंध में चर्चा की। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई स्थगित कर दी गयी थी और इसी का लाभ आतंकी लेकर कई हमले किये और हमारे जवानो को शहीद किया। जानकारी मिल रही है कि घाटी क्षेत्र में फिर से आतंकी आ गए हैं और भारत को नुक्सान पहुंचा रहे हैं। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आगामी अमरनाथ यात्रा के सिलसिले में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए एक बैठक गुरुवार को बुलायी थी। इस दौरान रमजान के महीने में एकतरफा संघर्ष विराम के फायदे और नुकसान के बारे में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों तथा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के साथ चर्चा की गयी। बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि कार्रवाई स्थगित करने से आतंकवादियों को दोबारा एकजुट होने का मौका मिल गया।

वे और अधिक मुक्त होकर इधर से उधर घूमे हैं और युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए समझाने में भी कामयाब हुए हैं।अधिकारियों ने गृहमंत्री को बैठक के दौरान यह भी बताया कि इस दौरान सुरक्षाबलों पर हमले बढे़ हैं। गुरुवार को सेना के एक जवान का अपहरण कर लिया गया। इससे उनका हौसला बुलंद हुआ है। ये आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए खतरा बन सकते हैं क्योंकि कुछ आतंकवादी संगठनों ने रमजान के संघर्ष विराम को खारिज कर दिया है।

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती राजग सरकार ने वर्ष 2000 में रमजान के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की पहल नहीं करने की घोषणा की थी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में कहा था कि गोली या गाली से कश्मीर मसले का समाधान नहीं हो सकता है, इसका समाधान केवल कश्मीर के प्रत्येक व्यक्ति को गले लगाने से हो सकता है।

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