जयपुर बम ब्लास्ट केस के चारों दोषियों को सजा-ए-मौत

जयपुर: राजस्थान में जयपुर में वर्ष 2008 में हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों के चारों आरोपियों को विशेष न्यायालय ने आज फांसी की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश अजयराज शर्मा ने आरोपी मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को बम विस्फोटों का दोषी माना। चारों आरोपियों पर कुल 14 धाराएं लगाईं गईं थीं जिनमें हत्या और षड्यंत्र के तहत दो धाराओं में फांसी और चार धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इससे पहले कल बम विस्फोटों के पांच आरोपियों में से मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को दोषी माना जबकि शाहबाज को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इन आरोपियों ने 13 मई 2008 को जयपुर में आठ स्थानों पर बम विस्फोट किये थे, जिनमें 71 लोगों की मौत हुई जबकि 185 घायल हुए थे। इनमें व्यस्ततम हनुमानमंदिर, फूलवालों का खंदा और माणिक चौक थाने के पास सर्वाधिक लोग हताहत हुए थे।

फैसला सुनाये जाने के बाद आरोपियों के अधिवक्ता पैकर फारुख ने कहा कि यह फैसला मीडिया के दुष्प्रचार और देश में निर्मित मौजूदा माहौल के दबाव में सुनाया गया है। उन्होंने दलील दी थी कि अपराध के समय सलमान नाबालिग था, इस पर विशेष न्यायालय ने गौर नहीं किया।

हालांकि आरोपियों ने कल दोषी माने जाने के बाद अदालत से विभिन्न दलीलें देकर नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। उधर, फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी सामान्य रहे। तीन आरोपी तो मुस्कुरा रहे थे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper