जापान और भारत के मध्य ज्वाइन्ट एक्शन प्लान बनाकर जापानी पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जाएगी: मुख्य सचिव

लखनऊ ब्यूरो। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि जापान के सहयोग से उत्तर प्रदेश में वाराणसी के गंगा एक्शन प्लान, आगरा में जलापूर्ति परियोजनाओं तथा वन व्यवस्था सहित अन्य परियोजनाओं में किये जा रहे कार्यों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाधीन चिकित्सा पर्यटन नीति में जापानी भाषा को समावेशित किये जाने के प्रस्ताव पर परीक्षण कर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र के सहायता से निमार्णाधीन बस्ती, बहराइच, फैजाबाद, फिरोजाबाद एवं शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज सोसाइअी का गठन कर जल्द शुरु करने का निर्देश दिया।

मुख्य सचिव शुक्रवार को शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में जापानी प्रतिनिधिमण्डल के साथ बैठक कर प्रदेश की विकास योजनाओं में निवेश किये जाने हेतु विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से बचाव हेतु यूनिवर्सिटी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेेंट की स्थापना जापान के सहयोग से परीक्षणोपरान्त नियमानुसार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सन् 2022 तक किसानों की आय दुगुना करने हेतु प्रदेश सरकार जापान के सहयोग से फूड वैल्यू चैन पर एमओसी करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये जापान और भारत के मध्य ज्वाइन्ट एक्शन प्लान बनाकर वर्ष 2020 तक पर्यटकों की संख्या 07 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बुनियादी ढांचा के विकास एवं अनुसूचित जाति के उत्थान के लिये कुटियावा, अम्बेडकर नगर में प्राइमरी पाठशाला खोलने तथा गोरखपुर के फातिमा अस्पताल में चिकित्सीय उपकरणों का प्राविधान सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायें। उन्होंने कहा कि 06 कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम बीएचयू के अलावा दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, बुन्देलखण्ड यूनिवर्सिटी, झांसी, वीबीएस पूर्वांचल यूनिवसिटी, जौनपुर, सीएसजेएम यूनिवसिटी, कानपुर, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवसिटी, आगरा, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में क्योटो-वाराणसी पार्टनरशिप के अन्तर्गत भविष्य में कराया जाये।

जापानी दूतावास के शोधकताज़् एवं आर्थिक सलाहकार क्योहे यामामोतो द्वारा बताया गया कि स्वच्छ गंगा-स्वच्छ भारत के तहत जापान द्वारा गंगा एक्शन प्लान परियोजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है, जिसके तहत सीवेज ट्रीटमेंट सुविधा व सार्वजनिक शौचालयों का प्राविधान शामिल है। जापान इसी तरह की योजना को गंगा के किनारे साथ अन्य शहरों में विस्तारित करने के लिये तैयार है और इस परिप्रेक्ष्य में जापान की उन्नत तकनीक उपयोग करने के लिए तैयार है। जापान के पास सेप्टिक टैंक की एक उन्नत प्रणाली जोहकासोउ है, यह सीवेज ट्रीटमेंट फैसिलिटीज का उन्नत विकल्प है। उन्होंने बताया कि जापान के पास कोल थर्मल पॉवर प्लांट्स के लिये पर्यावरणीय उपरकण में उन्नत तकनीक और अनुभव है, जो कि एसओएक्स, एनओएक्स स्मोक पार्टिकल्स को अच्छी तरह से साफ कर सकता है तथा वर्तमान संयंत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।

जापानी दूतावास के मिनिस्टर (इकोनामिक डेवलपमेन्ट) केनको सोने ने बताया कि जापान की मिक्सविशी और तोशिबा कम्पनी द्वारा 1980 में जापान के आधिकारिक विकास सहायक द्वारा वित्तपोषण से बना अनपरा कोयला थर्मल पावर प्लाण्ट वर्तमान समय में भी अच्छी स्थिति में है। उन्होंने एनएचआई द्वारा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के तेजी से निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कि इससे जापानी कम्पनियों को एनसीआर और नोएडा में व्यावसायिक वातावरण बेहतर मिलेगा। क्योहे यामामोतो द्वारा बैठक में यह भी बताया गया कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में जापानी भाषा की शिक्षा 2016 में प्रारम्भ करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि इससे आईआईटी, कानपुर और टोक्यो विश्वविद्यालय ने पारस्परिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पयज़्टन स्थलों का प्रचार-प्रसार करेंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा जापानी टूरिस्ट भारत में बुद्धिष्टि सकिज़्ट का भ्रमण करें।

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