जासूसकांड को लेकर रुस और ब्रिटेन के रिश्तों में आ रही दरार

लंदन: उत्तर कोरिया और अमेरिका में संबंध ठीक होने के साथ ही अब दुनिया की दो दूसरी ताकतों के बीच खटपट शुरु हो गई है। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन और रुस की। हाल के दिनों में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा कि रूस के पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपाल और उनकी बेटी यूलिया को जहर देने के मामले में रूस जिम्मेदार है। एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रिटेन ने अपने यहां से 23 रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने यह भी कहा कि वे ब्रिटेन और रूस के बीच सभी उच्च स्तरीय संपर्क फिलहाल खत्म कर रही हैं।

बता दें कि पूर्व केजीबी एजेंट अलेक्‍जेंडर लित्‍विनेंको की 2006 में लंदन में हत्‍या के बाद से ब्रिटेन व रूस के बीच तनावपूर्ण संबंध हैं। लंदन के मिलेनियम होटल में ग्रीन टी पी,जिसमें जहरीला पदार्थ पोलोनियम-210 मिला था।आरोप लगते हैं कि यह हत्या खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कहने पर हुई थी, हालांकि रूसी सरकार ने हमेशा इंकार करती रही है। इस बीच ताजा मामला रूस के पूर्व जासूस रहे 66 वर्षीय सर्गेई स्क्रिपाल और उनकी 33 वर्षीय बेटी यूलिया को खतरनाक संदिग्ध जहर दिए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

पिछले सप्ताह दक्षिण इंग्लैंड में उनके घर के पास नर्व एजेंट से हमला किया गया था। थेरेसा ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सर्गेइ स्क्रिपल और उनकी बेटी को सैन्य ग्रेड का जहर दिया गया था, जो रूस में बनाया गया था। हालांकि, रूस ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ब्रिटेन ने रूस पर रासायनिक हमले का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा इस हमले में जिस रसायन का इस्तेमाल किया गया है वह नर्व एजेंट का ही रूप है जिसे नोविचोक के नाम से जाना जाता है। यह उन नर्व एजेंटों के समूह का हिस्सा है,जिस सोवियत संघ ने 1970 से 1980 के बीच गोपनीय तरीके से विकसित किया था। इसमें इस्तेमाल होने वाला एक रासायन ए-230 है, जो कथित तौर पर वीएक्स नर्व एजेंट से पांच से आठ गुना जहरीला है। इस रसायन के कई प्रकार बनाए जाते हैं और उसमें से कथित रूप से एक को रूसी सेना ने रासायनिक हथियारों के रूप में अनुमति दी है।

स्क्रिपल को ब्रिटिश सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस एमआई-6 के साथ सहयोग करने और यूरोप में रूस के अंडकवर खुफिया अधिकारियों के नाम का खुलासा करने के लिए 2006 में रूस में 13 वर्षों की कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, रूस में उसकी गिरफ्तारी और सजा को देश के लिए बड़े विद्रोह के तौर पर देखा गया था। रूस में उस ‘सुपर जासूस’ के तौर पर जाना जाता था। स्क्रिपल साल 1999 तक रूसी सेना के खुफिया विभाग में बतौर कर्नल के रूप में सेवाएं दे रहा था। उस 2004 में ब्रिटेन के लिए जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था।

आखिरकार उसने स्वीकार किया कि उसने पैसों के बदले में एमआई-6 के लिए काम किया था। स्क्रिपल को साल 2010 में जासूसों की अदला-बदली कानून के तहत माफ कर दिया गया था और ब्रिटेन भेज दिया गया था। स्क्रिपल और उनकी बेटी युलिया पांच मार्च को एक शॉपिंग सेंटर के बेंच पर बेहोशी की हालत में मिले थे। दोनों, फिलहाल अस्पताल में हैं और इनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

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