जुए की लत में तबाह हुआ परिवार, एक एक कर परिवार की छीनी सांसे

घर में परिवार की देख रेख करने वाला व्यक्ति ही अगर घर का विनाश करने में लग जाए तो कोई कुछ नहीं कर सकता है। शराब और जुए की लत अक्सर  परिवार को बर्बाद कर देती है। कितने ही परिवार इसका शिकार हो चुके है। इस लत के पीछे लोग अपने परिवार को तबाह कर देते है। ऐसा ही कुछ राजस्थान  के झालावाड़ में जुए की लत में फंसे एक शख्स ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया था। इस आरोपी का नाम शाकिर है। शाकिर ने जुए की लत के चलते अपनी पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या कर फरार हो गया है। मामला झालावाड़ के ढाबला के खीची इलाके की है। 45 वर्षीय शाकिर ने अपने तीनो बच्चों और पत्नी को जहर देकर मार दिया था। इसके बाद शाकिर ने रस्सी से गला घोटकर मार डाला था।

क्या है पूरा मामला

शाकिर नाम का शख्स अपने रिश्तेदार के मकान में किराए पर रहता था। उसने मकान के अंदर किराने की दुकान खोल रखी थी। उसकी दुकान को पत्नी ज्यादातर चलाती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से शाकिर ने जुए की लत में फंसकर दुकान पर बैठना बंद कर दिया था। शाकिर ने अपनी लत के वजह से इतना कर्ज में डूब गया था कि उसका मकान, जमीन- जायदाद सब कुछ बिक चुका था।

घर का खर्च बड़ी बेटी मुस्कान के कंधे पर था। मुस्कान स्कूल में पढ़ाकर घर का खर्च उठाती थी। जब सुबह 8 बजे तक दुकान नहीं खुली तो पड़ोसियों ने घर के अंदर जाकर देखा। घर में तीनों बच्चों और  पत्नी की लाश जमीन पर पड़ी मिली और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। हालांकि झालावाड़ के एसपी राममूर्ति जोशी ने कहा कि शाकिर की तलाश जारी है। पुलिस की जांच में रिश्तेदारों ने बताया कि शाकिर को जए की बुरी लत में फंस गया है कर्ज से परेशान रहता था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper