जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी राधे मां, अब नहीं करेगी ये काम

प्रयागराज: धर्मगुरु राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर और संत पायलट बाबा के बारे में पंचदशनाम जूना अखाड़े ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महामंडलेश्वर पद बहाल कर दिए हैं। दोनों प्रयाग में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले में शाही जुलूस निकालकर शाही स्नान कर सकेंगे।

राधे मां की प्रयागराज में लगने जा रहे कुंभ मेले से पहले जूना अखाड़े में वापसी हो गई है। जानकारी के मुताबिक, भक्तों की गोद में बैठकर अश्लील डांस करने के मामले में राधे मां ने लिखित माफी मांगी है और भविष्य में दोबारा इस तरह की हरकत नहीं करने की बात कही है। इसी आधार पर जूना अखाड़े में उनकी दोबारा एंट्री हुई है। इसी प्रकार पायलट बाबा भी अब अखाड़े के महामंडलेश्वर बने रहेंगे। उनके साथ भंग की गई महामंडलेश्वर परिषद में जो भी महामंडलेश्वर शामिल थे, वह भी अपने अखाड़ों के साथ कुंभ स्नान करेंगे। श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती ने कहा कि यह विवाद अब समाप्त हो गया है।

जूना अखाड़े ने न सिर्फ राधे मां का निलंबन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है, बल्कि उनकी महामंडलेश्वर की पदवी भी वापस कर दी है। बता दें कि राधे मां की बहाली का फैसला इसलिए थोड़ा हैरान करने वाला है क्योंकि पिछले साल अखाड़ा परिषद ने उनका नाम फर्जी बाबाओं की लिस्ट में डाला था। राधे मां का निलंबन रद्द करने, उन्हें अखाड़े में बहाल करने और महामंडलेश्वर की पदवी वापस देने का फैसला कुछ दिनों पहले ही जूना अखाड़े की बैठक में लिया गया।

महंत हरिगिरि ने बताया कि राधे मां के खिलाफ अखाड़े की कई टीमों ने जांच की थी लेकिन किसी में भी उनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं पाए गए। इतना ही नहीं उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस भी अब पेंडिंग नहीं है। गौरतलब है कि राधे मां को प्रयागराज में ही छह साल पहले लगे कुंभ मेले से ठीक पहले निलंबित किया गया था।

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