जौहर विवि की जमीन की लीज हो सकती है निरस्त

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता सांसद मोहम्मद आजम खां के जौहर विविद्यालय की जमीन की लीज निरस्त हो सकती है। दरअसल लीज की जमीन पर लगे पेड़ों की कटान की गयी। यह बात जांच में साबित हो गयी है। अब वन विभाग ने जौहर यूनिवर्सिटी के वीजी को नोटिस जारी किया है जिसमें आरोप है कि लीज पर ली गई ग्राम समाज की जमीन पर लगे 2173 पेड़ काटे गए हैं, जो वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा चार का उल्लंघन है।

यूनिवर्सिटी को नोटिस का जवाब सात दिन में देना होगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। सींगनखेड़ा में 1998 में वन विभाग की ओर से पौधरोपण किया गया था। तब यहां खैर और शीशम के पौधे लगाए गए थे, इसके बाद जमीन को ग्राम समाज को हस्तांतरित कर दिया गया था। सपा सरकार में यह जमीन जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई थी, जिसमें पेड़ों को न काटने की शर्त थी।भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में वन विभाग के पेड़ों को बिना अनुमति के काटा गया है।

इन पेड़ों की कीमत भी करोड़ों में बताई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए थे।नौ सदस्यीय टीम ने यह जांच की। जांच में सामने आया कि पेड़ों को नियम विरुद्ध तरीके से काटा गया है। लीज की शतोर्ं को नहीं माना गया है। टीम ने जांच रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिसके बाद वन विभाग की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई जमीन पर 2173 पेड़ खैर के थे।

लीज की शर्तों में इसे मेनटेन करना था, लेकिन अब पेड़ मौके से गायब हैं। वन विभाग ने नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिनों का समय दिया है। जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि नियमों के उल्लघन में लीज निरस्त भी की जा सकती है और आर्थिक दण्ड भी लग सकता है।

 

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