टैटू का है जमाना

लखनऊ: लगातार बदलता फैशन हर बार एक नया ट्रेंड लेकर आता है। फिर चाहे वह ट्रेंड हेयर स्टाइल का हो या फिर शरीर पर टैटू गुदवाने का। लड़कों के साथ लड़कियों में भी टैटू का क्रेज बहुत ज्यादा है। इसमें धार्मिक, ट्राइबल और थ्रीडी टैटू ज्यादा चलन में हैं। टैटू की दुनिया की सैर करा रही हैं मधु निगम

आज का दौर युवाओं का है, जो ‘फैशन के संवाहक’ की भूमिका निभाते हैं। किसी भी ट्रेंड को ‘पॉपुलर’ और ‘फ्लॉप’ करने में सबसे बड़ा हाथ युवाओं का ही होता है। तभी तो फैशन और ग्लैमर इंडस्ट्री की नजरें भी नौजवान पीढ़ी पर टिकी होती हैं। बॉडी बिल्डिंग, डिफरेंट हेयर कट आदि के बाद अब युवाओं को एक नया शौक लगा है और वह है टैटू गुदवाने का। सबसे ज्यादा कलाई और गर्दन पर टैटू पसंद किए जाते हैं। इन जगहों पर लड़कियां सबसे ज्यादा टैटू बनवाना पसंद करती हैं। इसके अलावा कंधे के पीछे भी उन्हें टैटू बनवाना पसंद है। बैली पर अधिकतर पोट्रेट टैटू बनवाए जाते हैं।

कंधे पर बड़े आकार के फ्लोरल टैटू पसंद किए जाते हैं। बैली पर छोटी बूटी का भी चलन है। कंधे पर एंजिल टैटू पसंद किए जाते हैं। इसके अलावा लड़के और लड़कियों दोनों को बड्र्स के साथ धार्मिक टैटू बहुत ज्यादा पसंद हैं। त्रिशूल काफी हिट है। थ्रीडी टैटू का चलन भी काफी बढ़ा है, क्योंकि ये रिफ्लेक्ट होते हैं। इसके साथ ही लड़के ट्राइबल आर्ट वाले टैटू बनवाते हैं। इन्हें एक या दोनों हाथों पर बनवाया जाता है। यह चलन खासकर रेसलर से लेकर बड़े सेलिब्रिटी की वजह से आया। इसमें चेहरे, मोजेक स्टाइल टैटू, लड़कियों का फेस, खोपड़ी आदि टैटू बनवाए जाते हैं। वहीं कई टैटू में डेविल और एंजिल आदि की स्टोरी टेभलग भी होती है।

कई लड़के लड़कियां गर्लफ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड के नाम या पहला अक्षर भी लिखवाते हैं। इसके अलावा कोट्स टैटू भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। इसमें लाइफ स्टाइल, एटीट्यूट व मशहूर राइटर्स के कोट्स लिखे जाते हैं। इन्हें कलाई के ऊपर पर फोर आम्र्स पर गुदवाया जाता है। इनमें माई लाइफ माई रूल, आइएम द मास्टर ऑफ माई फेथ ज्यादा फेमस हैं।

खुशी या दर्द : युवाओं को टैटू गुदवाने पर उतना दर्द नहीं होता, जितनी खुशी इन्हें टैटू गुदवाने के बाद होती है। युवा टैटू गुदवाते हैं भीड़ में सबसे अलग अपनी एक पहचान बनाने के लिए। खूबसूरत रंग-बिरंगी डिजाइनें जब टैटू के माध्यम से शरीर के अलग-अलग हिस्सों में उकेरी जाती हैं, तो इन अंगों की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। फिर चाहे कमर पर टैटू गुदवाया जाए या पीठ पर। इतना ही नहीं, आजकल के युवा तो कूल्हे, पेट और एड़ी जैसे अंगों पर भी टैटू गुदवाने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।

प्रथा से बना फैशन : टैटू गुदवाने का इतिहास करीब 5000 वर्ष पुराना है। तब से लेकर अब तक यह बदस्तूर जारी है। पहले शरीर पर टैटू गुदवाना ‘प्रथा’ हुआ करता था और अब युवाओं के द्वारा पसंद किए जाने के कारण यह एक ‘फैशन’ बन गया है। आज के युवा शौक के चलते शरीर पर टैटू गुदवा रहे हैं। यदि प्रथा के रूप में बात करें, तो हमारे देश में आज भी कई आदिवासी जनजातियां इसे एक अनिवार्य प्रथा के रूप में स्वीकार कर उम्र के विभिन्न पड़ावों पर शरीर के अलग-अलग अंगों पर इसे गुदवाती हैं। आज भी टैटू का सर्वाधिक चलन यूरोपियन देशों में है।

टैटू के प्रकार : आजकल दो प्रकार के टैटू का चलन है, जिनमें से एक परमानेंट प्रकार का टैटू होता है और दूसरा टेंपरेरी। परमानेंट टैटू हमेशा आपकी त्वचा पर जैसा का तैसा रहता है। जबकि टेंपरेरी टैटू शौकिया तौर पर या किसी ‘पर्व विशेष’ जैसे महिला संगीत, पार्टी, फैशन शो आदि के लिए बनवाए जाते हैं। ये 7 से 15 दिनों तक त्वचा पर रहते हैं। हालांकि दोनों टैटुओं को बनाने की प्रक्रिया समान होती है बस दोनों में अंतर होता है महंगी व सस्ती स्याही का।

कैसे बनाया जाता है टैटू : टैटू बनाने के लिए विशेष प्रकार की मशीन (टैटू मशीन) का प्रयोग किया जाता है।

इस मशीन में अलग-अलग प्रकार की निडिल लगाकर शरीर पर टैटू की डिजाइन उकेरी जाती है। शरीर के किसी भी भाग पर डिजाइन को उकेरने से पहले उस भाग पर मनचाही डिजाइन को ड्रॉ किया जाता है। डिजाइन ड्रॉ होने के बाद टैटू मशीन की पर लगी निडिल की सहायता से उस डिजाइन की आउटलाइन बनाई जाती है। फिर उसी मशीन में निडिल बदलकर दूसरी विशेष निडिल की सहायता से टैटू डिजाइन के मध्य अलग-अलग रंगों को भरा जाता है। इस तरह बड़ी बारीकी व मेहनत-मशक्कत के बाद एक खूबसूरत टैटू तैयार होता है। किसी छोटे टैटू को बनाने में जहां आर्टिस्ट को 15 से 20 मिनट लगते हैं, वहीं किसी बड़े डिजाइन के टैटू को बनाने में उसे 6 से 7 घंटे भी लग जाते हैं।

लखनऊ के युवा भी हैं शौकीन

पॉप कल्चर के प्रतीक टैटू को गुदवाने में नवाबी शहर लखनऊ के युवा भी पीछे नहीं हैं। हजरतगंज स्थित प्रिंस कॉम्प्लेक्स से लेकर कई बड़ी मार्केट में टैटू आर्टिस्ट के पास भीड़ लगी रहती है। खास बात तो यह है कि कल तक टैटू गुदवाने को दर्द का पर्याय मानने वाले युवा अब अत्याधुनिक टेक्निक से टैटू गुदवाने से गुरेज नहीं करते। अगर आप भी अपने शरीर पर मनचाही डिजाइन गुदवाना चाहते हैं या फिर अपने प्रेमी का नाम गुदवाकर उसके प्रति प्यार का इजहार करना चाहते हैं, तो देर किस बात की। आप भी अपने शरीर पर गुदवा सकते हैं अपनी मनचाही डिजाइन और बना सकते हैं, भीड़ में अपनी एक अलग पहचान।

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