ट्रांसपोर्ट नगर से एयरपोर्ट के बीच मेट्रो का ट्रायल शुरू

लखनऊ ब्यूरो। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) ने ट्रांसपोर्ट नगर से अमौसी होते हुए एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन तक ट्रायल शनिवार सुबह से शुरू कर दिया। मेट्रो का विभिन्न प्रकार का तकनीकी ट्रायल अब 23 जनवरी तक चलता रहेगा।

एलएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने सबसे पहले मेट्रो ट्रेन की पूजा-अर्चना की। इसके बाद मेट्रो एयरपोर्ट स्टेशन की ओर रवाना हो गई। मेट्रो ट्रेन को ड्राइवर अजीत यादव चला रहे हैं। इससे पहले अजीत यादव मेट्रो ट्रेन को मुंशी पुलिया तक के रूट पर भी ले जा चुके हैं।

यह ट्रायल 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर से अमौसी मेट्रो स्टेशन तक एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेट्रो ट्रेन चलेगी जबकि अमौसी से इसे एयरपोर्ट मेट्रो तक रैम्प पर उतारा जाएगा। रैम्प पर आने के बाद भूमिगत स्टेशन पहुंचने से पहले मेट्रो को कई बार रोका जाएगा। जिससे उनकी लोडिंग क्षमता के अलावा अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा सके।

चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 100 घरेलू विमान से यात्री आते और जाते हैं। जबकि इंटरनेशनल टर्मिनल पर भी 10 विमानों से यात्री सिंगापुर और बैंकाक सहित खाड़ी देशों की यात्राएं करते हैं। सालाना 26 प्रतिशत की दर से लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। एयरपोर्ट पर टैक्सी महंगी मिलती है। इसलिए कॅमर्शियल रन के बाद यात्री सीधे एयरपोर्ट से उतरते ही मेट्रो से चारबाग होते हुए हजरतगंज के रास्ते मुंशी पुलिया तक पहुंच सकेंगे।

चारबाग से मुंशीपुलिया तक मेट्रो का ट्रायल 23 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान दो मेट्रो ट्रेनों का रैक आठ से 10 चक्कर प्रतिदिन इस रूट पर लगा सकता है। इसके साथ ही एलएमआरसी 23 जनवरी तक विभिन्न प्रकार के गुप्त तकनीकी ट्रायल करेगा।

दरअसल,लखनऊ मेट्रो के पहले चरण के रूट पर ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक मेट्रो ट्रेन की शुरुआत की गई थी। इसके बाद चारबाग से आइटी कॉलेज और फिर आइटी कॉलेज से निकलकर मेट्रो मुंशी पुलिया तक जा पहुंची है। बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए चारबाग में दुर्गापुरी व आलमबाग बस अड्डा भी मेट्रो से जुड़ चुका है।

जबकि चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और अमौसी को भी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ दिया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सबसे अधिक दो हजार वर्ग फीट में कॅमर्शियल गतिविधि होनी है। इसलिए यह मेट्रो स्टेशन राजस्व मिलने की दृष्टि से एलएमआरसी के लिए बहुत खास है।

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