डेंगू का कहर जारी, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई कागजों तक सीमित

भोपाल: शहर में इन दिनों डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग के दावों की भी पोल भी खुल गई है। पॉश इलाकों में डेंगू के मरीज मिलने से चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। लोगों का कहना है कि डेंगू रोकथाम के उपाय महज कागजों में हो रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है और इसका प्रमाण यह है कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं दूसरी तरफ वायरल के मरीज हर घर में हैं, जिससे अस्पतालों में भीड़ लगातार बढ़ रही है।

राजधानी भोपाल के पॉश इलाके जिनमें अरेरा कॉलोनी, टीटी नगर, शाहपुरा, पिपलिया, साकेत नगर, रोहित नगर, माता मंदिर, सर्वधर्म कालोनी, रोहित नगर समेत कोलार रोड आदि डेंगू से प्रभावित हुए हैं। इससे हटकर पुराने भोपाल समेत नए भोपाल के अधिकांश घरों में वायरल का प्रभाव बढ़ गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके कर्मचारी एडीज मच्छरों के लार्वा खत्म करने में मुस्तैदी से लगे हुए हैं, लेकिन जो क्षेत्र प्रभावित हैं उनके रहवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई महज कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है।

अगर ऐसा नहीं होता तो समय रहते एडीज मच्छरों की रोकथाम के बेहतर इंतजाम किए जा सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों को डेंगू सेंसेटिव क्षेत्र घोषित किया गया है उनके रहवासी भी डेंगू के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे समस्या बढ़ गई है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि घरों में साफ पानी को जमने न दें, क्योंकि डेंगू के मच्छरों का लार्वा ऐसे ही पानी में पनपता है।

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इसके साथ ही सर्वे टीम के साथ सहयोग करने की भी अपील की गई है। वहीं पॉश क्षेत्रों के रहवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ सर्वे तक ही सीमित है, जबकि मच्छरों की रोकथाम के लिए किए जाने वाले आवश्यक कार्यों को महज कागजों तक सीमित कर दिया गया है। यदि समय रहते दवाओं का छिड़काव होता तो यह स्थिति नहीं बनने पाती।

डेंगू इसलिए भी है घातक

डेंगू बुखार एक ऐसी बीमारी है जिसके होने से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम हो जाती है। इससे डेंगू भयावह रुप ले लेता है। इसलिए डेंगू को नजरअंदाज करना यानी महामारी को दावत देने जैसा काम है। डेंगू के मरीज की पहचान करने के लिए विशेष लक्षण बताए गए हैं। इन लक्षणों में सिरदर्द, बदन दर्द, मांसपेशियों में दर्द और आंखें लाल होना प्रमुख है। इनमें से कोई भी लक्षण मरीज में दिखें तो फौरन चिकित्सक से जांच करवाकर दवाएं ली जानी चाहिए।

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