डेढ़ लाख का एक तिरंगा झंडा, मांग में 50 फीसदी की बढ़ोतरी

नई दिल्ली. स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगे झंडे की दुकानों पर बिक्री खूब बढ़ गई है। लोग न सिर्फ कागज के छोटे झंडे खरीद रहे हैं, बल्कि कपड़े के बड़े-बड़े झंडों का ऑर्डर दे रहे हैं। सदर बाजार में झंडा विक्रेताओं की के पास इस समय इतने ऑर्डर हैं कि डिमांड पूरी करना मुश्किल हो रहा है। यह झंडे 1000 रुपए की कीमत से शुरू होकर डेढ़ लाख रुपए तक में बिक रहे हैं। दुकानदारों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद लोगों में देशभक्ति की भावना काफी बढ़ गई है, जिसके चलते लोग इस साल अधिक झंडे खरीद रहे हैं।

पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी अधिक मांग
दिल्ली के सदर बाजार के अब्दुल गफ्फार झंडे वाले ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल झंडों की मांग 40-50 फीसदी ज्यादा है। यह डिमांड कपड़े के झंडों के लिए है। लोग 4गुणा 6 फीट से लेकर 60 गुना 90 फीट तक के झंडे खरीद रहे हैं। झंडों की कीमत 1,000 रुपए रुपए से शुरू है। झंडे का साइज बढ़ने के साथ इनकी कीमत बढ़ती है। 60 गुना 90 फीट का झंडा उन्होंने डेढ़ लाख में बेचा है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद झंडों की मांग में यह बढ़ोतरी हुई है।

25 से 30 लाख रुपए का कारोबार
40 साल से ज्यादा समय से झंडों का कारोबार करने वाले गफ्फार ने बताया कि वे देशभर में झंडों की होलसेल सप्लाई करते हैं। 26 जनवरी के मुकाबले 15 अगस्त को झंडों की बिक्री ज्यादा होती है। इस साल 15 अगस्त पर उनका कारोबार 25 से 30 लाख रुपए का कारोबार हुआ है। 16 अगस्त को वे मुफ्त में भी झंडे बांटते हैं।

इस साल देशभक्ति के जोश में हैं लोग
सदर बाजार में अन्य झंडा विक्रेताओं ने बताया कि, वैसे तो मोदी सरकार के आने के बाद से हर साल झंडे की बिक्री बढ़ रही थी, लेकिन इस साल देश में जो घटनाएं हुई हैं और सरकार ने जो ऐतिहासिक फैसला लिया है, उसके बाद लोगों का जोश काफी बढ़ गया है। इस साल तकरीबन सभी कारोबारियों को औसतन 30 फीसदी अधिक ऑर्डर मिले हैं। झंडों के लिए 2 महीने पहले से ही ऑर्डर मिलने लगते हैं। इनकी डिलीवरी 14 अगस्त की शाम तक कर दी जाती है।

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