डॉ. आंबेडकर के परिनिर्वांण दिवस राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ ब्यूरो। भारत रत्न बोधिसत्व डॉ. भीमराव आंबेडकर के 63 वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अंबेडकर महासभा जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही अस्थि कलश के दर्शन भी किये।

इस दौरान राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भीमराव आंबेडकर ने संविधान द्वारा नागरिकों को जो दायित्व और अधिकार दिये हैं उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुये व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे उसे लगे कि स्वराज है। बाबा साहब संविधान के शिल्पकार हैं। यह कहना आसान है, पर सबकी सुनकर और सहमति के आधार पर संविधान का निर्माण करना वास्तव में मुश्किल काम है। बाबा साहेब का मानना था कि हमें छोटी-छोटी बातों पर उलझना या टकराना नहीं चाहिये बल्कि सौहार्दपूर्ण तरीके से समस्या का हल निकालने का प्रयास करना चाहिये।

राज्यपाल ने कहा कि प्रतिज्ञा करें कि डॉ. आंबेडकर ने न केवल देश को संविधान रूपी शक्ति प्रदान की बल्कि सामाजिक न्याय की दृष्टि भी दी। उन्होंने कहा कि जब तक देश में जनतंत्र है बाबा साहब का दिया हुआ संविधान हमारा मार्गदर्शन करेगा। नाईक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

बाबा साहेब ने समाज के दबे-कुचले एवं वंचित लोगों के उन्नयन का जो संकल्प लिया था उसके लिये वे आजीवन प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ऐसे महापुरुष है जिन्हें धर्म, वर्ण एवं भाषा की परिधि में नहीं बांधा जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने संविधान की मूल प्रति आंबेडकर महासभा को भेंट की जिसका उन्हें बहुत समाधान है। जिनके प्रति श्रद्धा है उनका सही नाम लिखा जाना चाहिए इस दृष्टि से उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर का सही नाम लिखे जाने का प्रयास किया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभिनन्दन के पात्र हैं जिन्होंने सरकारी कार्यालयों में बाबा साहेब का चित्र लगाने के लिये आदेश किये। बाबा साहेब से जुड़े स्थानों पर जाकर ऐसे संदेश मिलते हैं जो समाज के लिये काम करने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ऐसे महामानव थे जिन्होंने समतामूलक समाज के निर्माण तथा दबे-कुचले एवं वंचित समाज को सत्ता में आगे बढ़ाने का काम किया। बाबा साहेब भारतीय संविधान के शिल्पकार हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति की पहली किस्त भेजी जा चुकी है तथा अगली किस्त 26 जनवरी के पहले भेज दी जायेगी। नई योजना के तहत राशन कार्ड भी उपलब्ध कराये जायेंगे तथा विधवाओं की पेंशन हेतु स्वीकृतियाँ भी दे दी गयी हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विषमता को दूर करने एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टि से अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
इस मौके पर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, महापौर संयुक्ता भाटिया, आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निमज़्ल सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

इससे पूर्व राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने हजरतगंज स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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