ड्यूटी पर न लौटने पर सरकार हुई सख्त, 250 लेखपाल निलंबित, दो हजार को नोटिस

लखनऊ: प्रदेशभर में आंदोलनरत लेखपालों पर दो जुलाई को एस्मा लगाये जाने के बाद भी काम पर न लौटने पर सरकार ने गंभीर एक्शन लिया है। मंगलवार को प्रदेश लेखपाल संघ के महामंत्री समेत करीब 250 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया, जबकि 2000 से ज्यादा लेखपालों को नोटिस देकर दो दिनों में काम पर लौटने को कहा गया है। यदि दो दिनों में काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा।

इस बीच सोमवार को मथुरा में गिरफ्तार 40 लेखपालों में से दो को जेल भेज दिया गया। लेखपालों पर एक्शन से संघ सकते में आ गया है, लेकिन आंदोलन जारी रखने के फैसले के साथ ऐलान किया गया है कि पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद संघर्ष समिति आंदोलन को गति प्रदान करेगी।उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम मूरत यादव ने बताया कि सोमवार को देवरिया में प्रदेश के महामंत्री बृजेश श्रीवास्तव के साथ 11 लोगों को सस्पेंड किया गया।

इसके साथ ही रामपुर-22, जौनपुर में सभी पदाधिकारियों के साथ लगभग हर जिले के पदाधिकारियों को जिला प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया। आजमगढ़ में करीब 1200 लेखपालों को बुलाकर कहा गया कि अगर डय़ूटी पर नहीं आये तो सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसी प्रकार आगरा में सभी पदाधिकारियों को भी अल्टीमेटम दे दिया गया है। हालांकि, लखनऊ में अभी तक कोई भी निलंबन नहीं किया गया है लेकिन जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि काम पर नहीं लौटे तो निलंबन तय है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मथुरा में दो पदाधिकारियों को जेल भेज दिया गया। लेखपालों को कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने नहीं दिया गया।

आंदोलनरत लेखपालों बताया कि हम अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार हमारी मांगों को नहीं मान रही है। लेखपालों ने मांगें पूरी होने तक बताया कि आंदोलन जारी रहेगा भले ही हम जेल चले जाये। लखनऊ लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी को अल्टीमेटम दिया गया। मंगलवार को संघर्ष समिति का गठन किया गया जो पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन को गति प्रदान करेंगे।

लेखपालों के कार्य बहिष्कार से तहसीलों में हजारों फाइलें लटकी पड़ी है और आमजन परेशान हो रहे हैं। प्रदेश संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लेखपालों व मुख्य सचिव के मध्य वार्ता में मुख्य मांगों पर कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। महामंत्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वेतन वृद्धि,वेतन विसंगति इत्यादि की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

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लखनऊ ट्रिब्यून

Vineet Kumar Verma

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